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किसानों के खेतों में पहुंचा कृषि वैज्ञानिकों का दल

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बढुआ गोदाम। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, राष्ट्रीय पादप जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र पूसा नई दिल्ली और नेफोर्ड के वैज्ञानिकों का दल रविवार को परदहा ब्लॉक और रतनपुरा ब्लॉक के गांवों में लगाए गए धान की फसलों का निरीक्षण किया। निरीक्षण में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा केंद्र सरकार की मेरा गौरव मेरा गांव योजना की जानकारी किसानों को देने के साथ खरीफ मौसम में सूखा और बाढ़ अवरोधी धान की प्रजाति डीआरआर - 50 के प्रदर्शन के प्रक्षेत्रों का निरीक्षण किया।
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रविवार को नेफोर्ड और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद पूसा नई दिल्ली के राष्ट्रीय पादप जैव प्रौद्योगिकी अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. नागेंद्र सिंह के नेतृत्व में वैज्ञानिकों का एक दल परदहा ब्लॉक के डुमराव, कंधेरी, कुसमौर, ताजोपुर गांव पहुंचा। जहां दल के सदस्यों ने किसानों को प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना मेरा गौरव मेरा गांव योजना के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। साथ ही किसानों द्वारा डीरआरआर 50 प्रजाति द्वारा लगाए गए फसलों का निरीक्षण करने के लिए किसानों के खेतों पर पहुंचे और डीआरआर-50 प्रजाति से तैयार फसलों की निरीक्षण कर किसानों को खेती संबंधी जानकारी दी। इसी क्रम में टीम पिपरसाध, रतनपुरा पहुंची। जहां वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डा. संजय सिंह ने किसानों को डीआरआर-50 प्रजाति की जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रजाति में बाढ़ और सूखा दोनों तरह की परिस्थितियों की सहने की क्षमता है। किसान इस प्रजाति को लगाकर सूखा में भी अच्छा उत्पादन ले सकता है। इस अवसर संतोष मिश्र, विनीत त्रिपाठी, आस्तिक मिश्र, सुधीर सिंह, डब्बू पांडे, तेरसगिरी, गुलाब राजभर, मुराली राम, सुनीता सिंह, विरजू सिंह आदि लोग रहे।
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