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माध्यमिक विद्यालयों में ड्रेस वितरण की चल रही धीमी गति

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जिले के परिषदीय सहित सहायता प्राप्त विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों में वितरित होने वाले नि:शुल्क ड्रेस वितरण की गति धीमी चल रही है। अभी तक माध्यमिक विद्यालयों में 50 प्रतिशत ही ड्रेस का वितरण किया जा सका है। जबकि मदरसों के प्रधानाचार्य योजना में रुचि ही नहीं ले रहे है। हालत यह है कि 38 मदरसों के सापेक्ष मात्र 20 मदरसों से ही ड्रेस के लिए मांग पत्र मिल सका है। जबकि 20 मई तक ही मांग पत्र उपलब्ध कराने का फरमान जारी किया गया था। इससे बच्चों को बिन ड्रेस के ही विद्यालय जाना पड़ रहा है।
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जिले में 1060 प्राथमिक, 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 94 सहायता प्राप्त, 56 समाज कल्याण तथा 67 माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। विद्यालयों में शत प्रतिशत नामांकन, ठहराव आदि के लिए आठवीं तक के बच्चों को नि:शुल्क दो सेट यूनिफार्म दिया जाना है। विभाग के तरफ से प्रति छात्र की दर से 200 रुपये विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में भेज दिया गया है। नि:शुल्क ड्रेस वितरण समय सीमा 10 अगस्त तय की गई है, लेकिन ड्रेस वितरण की गति धीमी चल रही है। वहीं, मदरसों से 20 मई तक मांगपत्र भेजने का फरमान जारी किया था, लेकिन अभी तक 38 मदरसों के सापेक्ष 20 मदरसों ने ही मांग पत्र भेजा है। ड्रेस वितरण पर नजर डाला जाए तो परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत 139305 के सापेक्ष 127584 बच्चों को ड्रेस का वितरण किया जा चुका है। इसी क्रम में सहायता प्राप्त विद्यालयों के 28900 के सापेक्ष 24465 बच्चों को ड्रेस वितरण किया जा चुका है। 67 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों मेें 18758 के सापेक्ष 9343 छात्रों को ही ड्रेस दिया जा सका है। इस बाबत नि:शुल्क ड्रेस वितरण के नोडल अधिकारी तथा जिला समन्वयक योगेंद्र यादव का कहना है कि 20 मदरसों से ही मांग पत्र मिल पाया है। ड्रेस वितरण के लिए बजट भेज दिया गया है।
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