फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घाघरा में उफान आने से दहशतजदा हैं तटवर्ती इलाके के लोग

विज्ञापन
विज्ञापन
घाघरा के जलस्तर में वृद्धि जारी है। ऐसे में नदी में उफान के चलते तटवर्ती इलाके के लोग दहशत में हैं। 24 घंटे में नदी के जलस्तर में पांच सेेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी की लहरें भारत माता की दीवारों पर टक्कर मार रही है। नदी के रौद्र रुप धारण करने से ऐतिहासिक धरोहरों पर खतरा मंडराने लगा है।
विज्ञापन

घाघरा के स्थिर रहने से लोगों ने राहत की सांस ली ही थी कि रविवार को नदी के जलस्तर में वृद्धि होने के बाद लोगों की नींद उड़ गई है। नदी के कहर बरपाने की चिंता लोगों को खाए जा रही है। नदी के जलस्तर रपर नजर डाला जाए तो रविवार को 69.25 मीटर रहा। शनिवार को नदी का जलस्तर 69.20 मीटर पर रहा। जबकि गौरीशंकर घाट पर खतरे का निशान 69.90 मीटर है। इस तरह 24 घंटे में घाघरा केजलस्तर में पांच सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी के जलस्तरमें वृद्धि जारी रहने से नगर के मुक्तिधाम, दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, हनुमान मंदिर, डीहबाबा का मंदिर, खाकी बाबा की कुटी, तथा लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला सहित ऐतिहासिक धरोहरों तथा धनौली रामपुर, नईबाजार, नौली, चिउटीडाड़, बहादुरपुर, सरयां, ठाकुरगांव, गोधनी, पतनई, बीबीपुर, ताहिरपुर, जमीराचौराडीह, पाउस, कोरौली, टिकरहिया, रसुलपुर, सूरजपुर सहित विभिन्न गांवों में पानी घुसने से लोग दहशत में जी रहे हैं। नगर के ऐतिहासिक धरोहरो को बचाने के लिए प्रशासन तथा सिचाई विभाग की तरफ से ठोस कार्ययोजना तक नहीं बनाई जा सकी है। नदी के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए जिन किसानों ने रोपाई करा दिया है उन्हें फसल के डूबने की चिंता खाए जा रही है। वहीं जिन किसानों ने रोपाई नहीं कराया है वे पेशोपेश में पड़े हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें