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रतनपुरा ब्लाक के मखना गांव के प्रधान के परिजनों पर मुकदमा दर्ज करने और परदहां ब्लाक के सरयां रघुनाथपुर गांव में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण अचानक रोक दिए जाने की घटनाओं पर ग्राम प्रधान संगठन ने काफी आक्रोश जताया है। मखना गांव के प्रधानपति राघवेंद्र सिंह और उनके तीन बेटों के खिलाफ हलधरपुर थाने में एफआईआर दर्ज करने को ग्राम प्रधान संगठन के जिलाध्यक्ष विवेकानंद यादव ने अलोकतांत्रिक बताया है। जिलाध्यक्ष का कहना है कि एक व्यक्ति के अंतिम संस्कार में गाजीपुर में भाग लेने गए राघवेंद्र सिंह फिसलकर कर गिर गए। जिससे उनका एक पैर टूट गया। उन्हें इलाज के लिए उनके परिवारी जन लखनऊ ले गए हैं। उनका वहीं आपरेशन हुआ है। ऐसे समय उनके पुत्रों सहित उन पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया। यह कृत्य निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को प्रताड़ित करने जैसा है। कहा कि जल्दी ही रतनपुरा ब्लाक में जिला इकाई की बैठक में इस मुद्दे को उच्चाधिकारियों के सम्मुख जोरदार तरीके से उठाया जाएगा। प्रधानपति राघवेंद्र सिंह का कहना है कि विरोधियों की साजिश में उनके परिजनों पर मुकदमा दर्ज करा दिया गया। उधर परदहा ब्लाक के सरयां रघुनाथपुर गांव में काफी प्रयास के बावजूद अतिक्रमण से मुक्त कराकर बंजर भूमि पर आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण कार्य को एसडीएम द्वारा रोक देने की घटना को भी अलोकतांत्रिक बताया गया। ग्राम प्रधान संघ के ब्लाक अध्यक्ष धनंजय सिंह झब्बू की अध्यक्षता में हुई बैठक में एसडीएम के फरमान की आलोचना की गई। ब्लाक अध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ सरकार एंटी भू माफिया अभियान चला रही है और दूसरी तरफ पैमाईश के बाद अतिमक्रमण से मुक्त कराई गई ग्राम पंचायत की भूमि पर हो रहे आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण पर रोक लगाकर प्रशासन ने सरकार की मंशा के विपरीत कार्य करने की मंशा जाहरि कर दिया है। बैठक में ग्राम प्रधान नगीना यादव ,उमाकांत यादव , अवधेश कुमार बबलू , देवेंद्र यादव ,महेंद्र यादव ,राम भवन यादव और बबलू यादव आदि काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।