पहसा। विकास खंड में तीन दशक से अधिक विभिन्न तरीके के आवास आवास योजनाएं लागू की गईं। बावजूद इसके न तो लाभार्थियों की संख्या में कमी आ रही है और न तो ब्लाक का कोई गांव ही संतृप्त हो सका है। केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही आवास योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं। ब्लाक कर्मियों द्वारा मनमाने तरीके से आवास का आवंटन किया जा रहा है।
वर्ष 1985-86 में पहली बार भारत सरकार द्वारा आवास योजना का शुभारंभ किया गया था। शुरू में यह योजना निर्बल वर्ग आवास योजना के नाम से चलाई गई। 90 के दशक में इसका नाम बदलकर इंदिरा आवास योजना कर दिया गया। वर्ष 2002 में इंदिरा आवास योजना के लिए प्रतीक्षा सूची भी बनाई गई। 2003 में यह प्राविधान किया गया कि बीपीएल प्रतीक्षा सूची के अनुसार ही आवास का आवंटन किया जाएगा। परंतु सूची में गड़बड़ी के कारण गांव में रहने वाले वास्तविक गरीब इस योजना से वंचित रह जाते हैं। वर्तमान समय में इस योजना का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना है, साथ ही आवास आवंटन नियमों में काफी बदलाव कर दिए गए हैं।
रतनपुरा ब्लाक में चालू वित्तीय वर्ष के लिए 742 आवास का लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया गया है। जबकि बीते वित्तीय वर्ष 2016-2017 में यह 672 लाभार्थियों को आवास देने का दावा ब्लाक कार्यालय द्वारा किया जा रहा है, जो लक्ष्य का शत प्रतिशत है। वर्ष 2007 में प्रदेश की बसपा सरकार द्वारा ग्रामीण इलाकों के गरीबों के लिए महामाया आवास योजना लागू की गई, रतनपुरा ब्लाक में सैकड़ों आवास वितरित किए गए थे।इस आवास आवंटन में भी खुलकर अनियमितता की शिकायत सामने आई थी। आलम यह रहा कि गरीब हाथ मलते रहे, और लाभ अपात्र ले गए। महामाया आवास योजना में कथित धांधली की शिकायत वयोवृद्ध समाजसेवी जगदीश सिंह ने उच्चाधिकारियों से कर मामले की जांच कराये जाने की मांग की थी परंतु शिकायत ठंडे बस्ते में डाल दी गई। उनका आरोप था कि नियमों को ताक पर रखकर गरीब अनुसूचित वर्ग के लोगों को न देकर अपात्र गैर अनुसूचित वर्ग के लोगों को दे दिया गया है। वर्ष 2012 में प्रदेश में सपा सरकार आई और इस सरकार ने लोहिया आवास योजना की शुरुआत की। यह आवास लोहिया समग्र गांवों के गरीबों को देना था। देखा जाए तो पांच वर्षो में ब्लाक रतनपुरा में दर्जनों लोहिया आवासों का आवंटन किया गया, समाजवादी नेता सुखराम शास्त्री ने ब्लाक कर्मचारियों द्वारा इसके आवंटन में भी भारी भ्रष्टाचार की शिकायत की , परंतु कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी शाह आलम का कहना है कि आवास आवंटन में किसी प्रकार की धांधली की शिकायत उन्हें नहीं मिली है, यदि शिकायत मिलती है तो निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी।