मऊ। शासन की ओर तय किए गए से गेहूं खरीद समय सीमा में मात्र दो दिन ही शेष हैं। लेकिन एजेंसियों के सुस्त रवैए से अभी तक 21877.56 एमटी ही खरीद हो पाई है, लक्ष्य 70 हजार एमटी का है। क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद में आ रही समस्याओं का त्वरित निस्तारण न होने से किसान आढ़तियों को ही बेचने को विवश हो जा रहे हैं। बिचौलिए फसल को औने पौने में खरीद रहे हैं। बड़े किसान तो अधिक दाम लेने के चक्कर में अपना गेहूं डंप किए हैं। सरकार की ओर से किसानों की फसल को उचित मूल्य दिलाने के लिए गेहूं खरीद योजना शुरू की गई है। इसके लिए 40 क्रय केंद्र बनाए गए हैं। विपणन केंद्र को छोड़कर विभिन्न क्रय केंद्र प्रभारियों के सहयोगात्मक रवैया न अपनाने से किसानों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। इसका फायदा आढ़तियों को खूब मिल रहा है। वह किसानों से फसल को औने पौने दाम में खरीद रहे हैं। सरकार की ओर से 15 जून तक गेहूं खरीद करने की समय सीमा निर्धारित की गई है। लेकिन अभी तक 21877.56 एमटी ही हो पाई है। जबकि लक्ष्य 70 हजार एमटी है। किसानों को शत प्रतिशत भुगतान कर दिया गया है। एजेंसियों पर हुई खरीद पर डाला जाए तो विपणन शाखा पर 10870.90 एमटी, पीसीएफ पर 8031.51 एमटी, यूपीएग्रो पर 229.35 एमटी,एनसीसीएफ 320.70 एमटी तथा एफसीआई पर 2425.10 एमटी ही खरीद हुई है। किसान हरिहर सिंह, श्रीकांत सिंह, योगेश यादव, जर्नादन राय, सूर्यकांत प्रसाद का कहना है कि क्रय केंद्रों पर गेहूं लाने वाले किसानों की समस्या का त्वरित निस्तारण न होने से योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। किसानों के घर-घर जाकर गेहूं खरीद किया जाए, तभी किसानों को योजना का लाभ मिल सकता है। इस बाबत जिला खाद्य विपणन अधिकारी दिनेश तिवारी का कहना है कि 15 जून तक गेहूं खरीद की जाएगी। शिकायत मिलने पर लापरवाह क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।स
खरीद का विवरण
एजेंसी लक्ष्य खरीद
विपणन 20 हजार 10870.90एमटी
पीसीएफ 24 हजार 8031.51एमटी
यूपी एग्रो दो हजार 229.35 एमटी
एनसीसीएफ 12 हजार 320.70 एमटी
एफसीआई 12 हजार 2425.10 एमटी