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स्मार्ट क्लास की तर्ज पर विकसित होंगे 21 मदरसे

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नगर के खीरीबाग स्थित तालीमुद्दीन मदरसा में मौजूद छात्र। - फोटो : MAU
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मऊ। मदरसों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार की ओर से अहम पहल की गई है। प्रधानमंत्री जन विकास योजना के तहत 25 प्रतिशत या उससे अधिक अल्पसंख्यक आबादी वाले नगर अरै कोपागंज कस्बे के 21 मदरसों को स्मार्ट क्लास से लैस किया जा रहा है। शासन ने इसके लिए 42 लाख रुपये स्वीकृत कर दिए हैं। मदरसों में स्मार्ट क्लास विकसित करने का जिम्मा टेली कम्युनिकेशन कंसल्टेंट्स इंडिया लिमिटेड एवं रीटजन इंडिया को दी गई है। इन संस्थानों ने काम शुरु कर दिया है। 2019-20 में जनपद के नगरपालिका और नगर पंचायत कोपागंज को 15 प्रतिशत से अधिक अल्पसंख्यक आबादी वाला क्षेत्र चुना गया है। इस योजना के तहत अल्पसंख्यक आबादी के सामाजिक, आर्थिक आधारभूत सुविधाएं उनके जीवन गुणवत्ता में सुधर लाते हुए अन्य असमानताओं को कम करने के उद्देश्य से मदरसों में आधुनिक शिक्षा के प्रसार पर बल दिया गया है। नगर और कोपागंज के 21 मदरसों को स्मार्ट क्लास से लैस करने के लिए 42 लाख रुपये दिए गए हैं। इन मदरसों में स्मार्ट क्लास विकसित करने के लिए दो कंपनियों को जिम्मेदारी दी गई। योजना का 80 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा स्वास्थ्य, कौशल विकास एवं नवाचार पर खर्च किया जाना है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने स्मार्ट क्लास विकसित करने के लिए निदेशालय को प्रस्ताव भेजा है। स्मार्ट क्लासों को विकसित करने का कार्य पूर्ण हो जाने के बाद मदरसों की शिक्षा में गुणात्मक सुधार होने की संभावना बढ़ जाएगी। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी लालमन ने बताया कि मदरसों में स्मार्ट क्लास विकसित करने के लिए कार्यदायी संस्थाओं को नामित कर दिया गया है। शासन ने 42 लाख रुपये आवंटित किए हैं। इससे कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।
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