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Mau News: एजुकेशन लोन से उच्च शिक्षा की ऊंचाई छू रहे 209 विद्यार्थी

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मऊ। विद्यार्थियों की उच्च शिक्षा की राह में अब पैसे की कमी बाधा नहीं बन रही है। 209 विद्यार्थी एजुकेशन लोन लेकर उच्च शिक्षा की ऊंचाई छू रहे हैं। 12वीं के बाद छात्र-छात्राओं के पास बैंक से शैक्षणिक लोन लेकर आगे की पढ़ाई पूरी करने का विकल्प मौजूद है। चार साल के आंकड़ों पर गौर करें जिले के 209 विद्यार्थी ऐसे हैं जो इस सुविधा का लाभ ले रहे हैं। उन्होंने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की विभिन्न शाखाओं से 17.37 करोड़ का ऋण ले रखा है। केंद्र की तरफ से विद्या लक्ष्मी पोर्टल के जरिए विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए बैंकों द्वारा ऋण उपलब्ध कराया जाता है। 12वीं की परीक्षा के बाद देश या विदेश में किसी मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षा संस्थान में पढ़ाई के लिए ऋण दिया जाता है। खास बात यह है कि दिए गए ऋण की अदायगी विद्यार्थी को नौकरी लगने के बाद पांच से सात साल के अंदर किस्तों में करनी होती है। चार लाख का ऋण बगैर किसी गारंटर के उपलब्ध कराया जाता है। ऋण पर सात से आठ प्रतिशत तक सालाना ब्याज देना होता है।
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किस साल कितने विद्यार्थियों ने ली लोन

वर्ष 2020-21 33 विद्यार्थियों को 1.95 करोड़
वर्ष 21-22 32 विद्यार्थियों को 2.14 करोड़
वर्ष 22-23 57 विद्यार्थियों को 3.95 करोड़
वर्ष 23-24 87 विद्यार्थियों को 9.33 करोड़

कुल 209 विद्यार्थियों को 17.37 करोड़



96 प्रतिशत विद्यार्थियों ने समय पर ऋण चुकाया

अधिकारियों की मानें तो अन्य ऋणों की अपेक्षा शिक्षा ऋण के अदायगी की स्थिति बेहतर है। लगभग 96 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों ने पूर्व में लिया अपना शिक्षा ऋण नौकरी लगने के बाद निर्वाध रूप से लौटाया है। कुछ छात्र ऐसे हैं जो ऋण सुचारू रूप से वापस नहीं कर सके हैं। नौकरी लगने में हुई देरी की वजह से समय से ऋण नहीं लौटा पाए हैं।



कोट

विद्या लक्ष्मी पोर्टल के जरिए बैंकों की ओर से विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए ऋण आसानी से उपलब्ध कराया जाता है। इसका रिकवरी रेट काफी अच्छी है। विद्यार्थियों को नौकरी लगने के बाद लिए गए ऋण की अदायगी पर पूरा फोकस रहता है।
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अनिल कुमार सिन्हा

एलडीएम, मऊ
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