मऊ। जिले में शीतलहर का प्रकोप बढ़ने लगा है। मंगलवार को ठिठुरन और गलन से लोग बेहाल रहे। न्यूनतम तापमान आठ डिग्री पर पहुंच गया है। ऐसे में गरीबों की हालत बुरी है। सार्वजनिक स्थानों पर अभी प्रशासन की ओर से अलावा की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। लापरवाही का खामियाजा गरीब और राहगीर भुगत रहे। रोडवेज और रेलवे स्टेशन पर लोग ठिठुरते रहे।
जिले में नगरपालिका सहित 10 नगर पंचायते हैं। शासन की तरफ से गरीबों तथा असहायों को ठंड से बचाने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर अलाव जलाए जाने, कंबल वितरण, रैनबसेरा में सुविधा बहाल कराने के लिए फरमान जारी किया गया था, लेकिन सुविधाएं बहाल की जा सकी है। मंगलवार को शीतलहर का प्रकोप जारी रहा। इसके बाद भी नगर के ब्रह्मस्थान, जिला अस्पताल, सहादतपुरा, गाजीपुर तिराहा, रोडवेज, चौक, रेलवे स्टेशन सहित आदि सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं जलवाया जा सका है। शाम होते ही ठंड से लोगों का बुरा हाल रहा। रोडवेज, रेलवे स्टेशन पर प्रतीक्षारत यात्रियों को ठिठुरते हुए देखा गया।
बढुआगोदाम : ताजोपुर, बढुआगोदाम, डुमरांव सहित विभिन्न स्थानों पर अलाव नहीं जलवाया जा सका है। पिपरीडीह : ठंड का कहर जारी रहने के बाद भी क्षेत्र के पिपरीडीह, रैकवारडीह, कहिनौर, सुअराबोझ सहित विभिन्न इलाकों के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं जले हैं। रानीपुर : ठंड का प्रकोप जारी रहने के बाद भी क्षेत्र के पलिया, पलिगढ़, रानीपुर सहित विभिन्न इलाकों के सार्वजनिक स्थल अलावा विहीन हैं।
मझवारा : पवनी, सेमरीजमालपुर, सिकरौर सहित विभिन्न इलाकों में लोगों को अलाव का इंतजार है।
रतनपुरा/हलधरपुर : ठंड का कहर जारी रहने के बाद भी पहसा, बिलौझा, रतनपुरा सहित विभिन्न इलाकों के सार्वजनिक स्थलों पर अलाव नहीं जलवाया जा सका है। क्षेत्र के मनोहर यादव, रविंद्र मौर्य, श्रीराम सिंह ने जिलाधिकारी को पत्र भेजकर अलाव जलवाने की मांग की है।