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ठंड का आगाज पर नहीं बंटे बच्चों को जूते मोजे:

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मऊ। जिले में ठंड का आगाज धीरे-धीरे शुरू होने लगा है, लेकिन परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को अभी तक जूता मोजा नहीं मिल सका है। इसके चलते बच्चों को नंगे पैर ही विद्यालय आना पड़ रहा है। शासन से नामित कंपनी की तरफ से अभी तक मोजा की आपूर्ति ही नहीं की जा सकी है। जबकि 80 प्रतिशत जूता की आपूर्ति ही हो पाई है। अभी तक जिला प्रशासन की तरफ से सत्यापन करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एक लाख 34 हजार 614 बच्चे अध्ययनरत हैं। प्रदेश सरकार की तरफ से परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को नि:शुल्क जूता-मोजा वितरित करने का फरमान जारी किया गया था, लेकिन बच्चों को अभी तक जूता-मोजा मिल नहीं पाया है। शासन से जूता मोजा वितरण करने के लिए दो कंपनियों को नामित किया गया है। कंपनी की तरफ से 80 प्रतिशत जूता की आपूर्ति ब्लाक संसाधन केंद्रों पर कर दी गई है। जबकि दूसरी कंपनी की तरफ से मोजा की आपूर्ति नहीं की जा सकी है। इन कंपनियों को अगस्त माह में ही क्रय आदेश जारी किया जा चुका है, बावजूद इसके इन कंपनियों की तरफ से तय समय सीमा के भीतर जूते मोजे की आपूर्ति नहीं की जा सकी है। विभाग की तरफ से इन कंपनियों को आपूर्ति के लिए पत्र भी भेजा जा चुका है। जिला प्रशासन की तरफ से गठित तीन सदस्यीय टीम द्वारा सैंपल मिलान करने की प्रक्रिया अधर में लटकी है। सैंपल को निदेशालय भेजे जाने पर लैब से पाजीटिव रिपोर्ट आने के बाद वितरण की प्रक्रिया शुरू होगी। प्रक्रिया पूरी होने में ज्यादा समय लगा तो बच्चों को शीतलहर के समय विद्यालय आने में असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। इस संबंध में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राकेश कुमार के सीयूजी नंबर पर काल की गई, लेकिन फोन रिसीव नहीं किया। इस बाबत मंडलीय सहायक निदेशक बेसिक वाईके सिंह का कहना है कि जूता मोजा वितरण की समय सीमा निश्चित नहीं की गई है, लेकिन वितरण प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिया गया है।
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