फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजली कटौती से दर्जनों गांवों गहराया बिजली संकट

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

सरसेना (मऊ)। क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में हो रही बार अघोषित बिजली कटौती से लोगों को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। कम बिजली मिलने से जहां खेती किसानी पर असर पड़ रहा है। वहीं गर्मी व उमस के चलते एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा है। परेशान लोगों ने मुख्यमंत्री को पत्र भेज कर न्याय की गुहार लगाई है।
विज्ञापन

चिरैयाकोट विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र के सरसेना, सेचूई, करमी, सुल्तानीपुर, ताजपुर, दरियापट्टी, जमीनबुढान, काजीहसन, औसतपुर, युसुफाबाद सहित विभिन गांवों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। शासन की तरफ़ से ग्रामीण क्षेत्रों में 16 घंटे विद्युत आपूर्ति करने का फरमान जारी किया गया है। हालत यह है कि कई दिनों से दिन रात मिला कर लगातार सात घंटे भी बिजली नही मिल पा रही है। कभी तारों का टूटना, कभी जंफर का उड़ जाना तो कभी फाल्ट से घंटों बिजली गुल होना आम बात हो गई है । यदि बिजली आ भी जा रही है तो लो बोल्टेज होने से लाभ ही नहीं मिल पा रहा है।लो बोल्टेज होने से घरों में लगे विद्युत उपकरण के खराब होने का भय सताने लग रहा है। इस संबंध में क्षेत्र के विश्वनाथ गुप्ता, श्रीनिवास गुप्ता, रमेश मौर्य, अशोक सेठ, राकेशचंद वर्मा, ओमप्रकाश मद्धेशिया का कहना है कि 16 घंटा विद्युत आपूर्ति करने का शेड्यूल कागजी साबित हो रहा है। शाम सात बजे बिजली आती है और रात नौ ,दस बजे गुल हो जाती है। सुबह नौ बजे आती तो है, लेकिन बिजली अप डाउन होती रहती है। रात के समय बिजली कटने से लोग चैन से सो नहीं पा रहे हैं। मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है । लोग विभिन्न बीमारियों ग्रसित हो रहे है । कम बिजली मिलने से धान की फसल की सिंचाई नहीं हो पा रही है। सिंचाई के अभाव में धान की फसल सूख रही है। इस बाबत विद्युत उपकेन्द्र चिरैयाकोट के अवर अभियंता धनंजय सिंह का कहना है कि जर्जर तारों के टूटने से समस्या आ रही है। कंट्रोल रूम से ही कम बिजली मिल रही है। अधिशासी अभियंता को पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें