मऊ। पहली जुलाई से देश में लागू हो रही कर प्रणाली जीएसटी को लेकर रविवार को नगर के राजस्थान भवन में आयोजित कार्यशाला में व्यापारियों की शंकाओं का समाधान किया गया। विशेषज्ञों ने व्यापारियों को जीएसटी संबंधित नियमावली की पूर्ण जानकारी दी।
मुख्य वक्ता वाणिज्य कर अधिकारी एके बनर्जी ने कहा कि जीएसटी से भयभीत होने की आवश्यकता नहीं है। ये कर प्रणाली व्यापारी और राष्ट्रहित में है। व्यापार कर ऑफिस में एक हेल्प डेस्क का संचालन किया जा रहा है। यहां जीएसटी से संबंधित सभी जानकारी उपलब्ध हो सकती है। 25 जून से पुन: जीएसटी में रजिस्ट्रेशन कराने के लिए ऑनलाइन पोर्टल खोल दिया गया है। सीएस गीतिका केशवानी और अनुज तिवारी ने भी व्यापारियों के समस्याओं का निदान किया। इस मौके पर भरथ ठरड, बालकृष्ण ठरड, आजाद यादव, कन्हैया जायसवाल, सौरभ मद्धेशिया, शंकर बाबू अग्रवाल, मृत्युंजय द्विवेदी, अभिनव खंडेलवाल, आशीष जायसवाल, रितेश अग्रवाल, भवानी बाबू ठरड, नरेंद्र मद्धेशिया, पुल्लू बाबू, रामाश्रय मौर्या, गोपाल गुप्ता सहित सैकड़ों व्यापारी मौजूद रहे। अध्यक्षता भरथ ठरड और संचालन बालकृष्ण ठरड ने किया।
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गेहूं-चावल पर अतिरिक्त कर से व्यापारियों में रोष
मऊ। लघु उद्योग भारती की ओर से आयोजित जीएसटी कार्यशाला में जनपद के व्यापारियों ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से गेहूं, चावल पर कृषि मंडी समिति के रूप में 2.5% अतिरिक्त टैक्स लगाए जाने पर कड़ा रोष व्यक्त किया। इसे जनता के साथ धोखा बताया। इस संबंध में आशीष कुमार, शंकर अग्रवाल, नरेंद्र मद्धेशिया, उदयभान इत्यादि ने कहा कि एक तरफ तो सरकार कहती रही कि जीएसटी के आने से एक देश एक कर की व्यवस्था रहेगी। अन्य किसी प्रकार का कोई टैक्स नहीं लगेगा। गेहूं, चावल जैसे प्रमुख खाद्यान्न पर 2.5% मंडी के नाम पर टैक्स जनता के लिए अतिरिक्त बोझ साबित होगा। व्यापारियों के लिए बाधक बनेगा। गौरतलब हो कि पड़ोसी राज्य बिहार में इन वस्तुओं पर कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं है।