बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के दौरान नगर के गाजीपुर तिराहा स्थित बैंक आफ बडौंदा पर आयोजित सभा को ?
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मऊ। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के तत्वावधान में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ बैंककर्मियों ने दो दिवसीय हड़ताल के पहले दिन बृहस्पतिवार को शाखाओं पर प्रदर्शन किया। जिले की 170 शाखाओं में बैंकिंग सेवा पूरी तरह ठप रहने से लगभग 200 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित हुआ। उधर, बैंकों के ताले नहीं खुलने से खाताधारक परेशान रहे। बैंकिग कानून संशोधन विधेयक वापस लेने की मांग के समर्थन में 16-17 दिसंबर की दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के आह्वान पर बृहस्पतिवार को पहले दिन जनपद के बैंक अधिकारियों एवं कर्मचारियों नें बैंक शाखाओं तथा मुख्य प्रशासनिक कार्यालयों, मंडल कार्यालय पंजाब नेशनल बैंक, क्षेत्रीय कार्यालय यूनियन बैंक आफ इंडिया के समक्ष प्रदर्शन कर काम ठप कराया। प्रदर्शनकारियों के जत्थों ने गाजीपुर तिराहा स्थित बैंक आफ बड़ौदा शाखा के समक्ष धरना और सामूहिक प्रदर्शन कर सरकारी बैंको को बेचे जानें तथा संसद में प्रस्तावित बैंकिंग कानून सुधार विधेयक को जनविरोधी करार दिया। उप्र बैंक इंप्लाइज यूनियन के उपजिला मंत्री बालाजी मोदी ने कहा कि सरकार बैंको में 157 लाख करोड़ की जनता के जमाधन को निजीकरण के रास्ते चहेते पूॅजीपतियों को सौंप देना चाहती है। इंद्रजीत कुमार ने कहा कि सरकार बैकों का निजीकरण कर जनता की बचत को खतरे में डालना चाहती है। साथ ही एक विकासील देश मे कृषि तथा छोटे मझोले उद्योगों तथा ढ़ाचागत आधार शिला के विकास में सरकारी बैंकों की समय परीक्षित भूमिका को समाप्त कर देने का खामियाजा आत्मनिर्भर विकास के योजनाओं को भुगतना पड़ेगा। अध्यक्षता करते हुए यूनाइटेड फोरम बैंक यूनियंस मऊ के संयोजक राम अवतार सिंह ने कहा कि हड़ताल के पहले दिन बैंकिंग सेवा पूरी तरह ठप रहने के चलते लगभग 200 करोड़ का व्यवसाय प्रभावित हुआ है। सभा को नरेंद्र कुमार सिंह, आतिफ उस्मानी, श्रीनिवास राव, अभिषेक कुमार, दिलीप मौर्य, आकाक्षा सिंह, मेघा त्रिपाठी, ललिता विश्वकर्मा, अनुप पांडेय, कैलाश, केदार नाथ ने भी संबोधित किया।