मऊ। परदहां ब्लाक क्षेत्र के इटौरा गांव स्थित साधन सहकारी समिति के सचिव के बिना गेहूं खरीद किए ही कुसुमौर गांव निवासी एक किसान के खाते में 10 क्विंटल गेंहू के दाम 20 हजार रुपये आ गए। मामले की विभागीय जांच शुरू हो गई है। इटौरा साधन सहकारी समिति के सचिव ने कुशुमौर निवासी किसान सुरेंद्र सिंह को गेहूं खरीदने के लिए 200 सरकारी बोरे दिए थे। बोरे में 50-50 किलो गेंहू भरकर किसान अपना गेहूं खरीदे जाने का इंतजार करता ही रह गया। सचिव ने किसान को आजकल करते करते गेहूं खरीद का सारा समय बिता दिया। इस बीच खरीद बंद हो गई। आज भी किसान के घर पर 200 बोरों में भरा गेहूं रखा है। किसान के खाते में बिना गेहूं खरीद के ही रुपए कैसे आ गए, इसकी विभागीय जांच शुरू हो गई है। सहायक विकास अधिकारी राधेश्याम को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। उप निबंधक सहकारिता विवेक कौशल ने बताया कि जांच की जा रही है। किसान को 15 जून को गेहूं लेकर आने को कहा गया था। लेकिन किसान अपना गेहूं लेकर क्रय केंद्र पर आया ही नहीं। कहा कि सचिव ने सरकारी बोरे नहीं दिए थे।