मधुबन तहसील क्षेत्र की दुबारी में जलनिगम द्वारा पेयजल के लिए घर-घर सप्लाई किया जा रहा पानी पीने लायक नहीं है। पाइप में जगह-जगह लीकेज होने से नालियों का गंदा पानी इस पाइप के सहारे लोगों के घरों तक पहुंच रहा है। 20 हजार की आबादी वाले इस ग्रामसभा में जलनिगम लोगों को शुद्ध पेयजल भी उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। मजबूरी में लोग हैंडपंप या निजी साधनों से पानी खरीद कर पी रहे हैं। उधर विभाग लोगों से जल कर के नाम पर लाखों की वसूली कर रहा है।
मधुबन तहसील की सबसे बड़ी ग्राम सभा दुबारी में करीब दो दशक पूर्व जलकल की पाइप लाइन बिछाई गई थी। कुछ इलाकों में पाइप बदले गए और कुछ इलाकों में पुराने पाइप के सहारे पानी की सप्लाई हो रही है। स्थिति यह है कि कोट मुहल्ले के मुख्य मार्ग में और ग्रामीण बैंक के पास मुख्य मार्ग सहित पांच स्थानों पर पाइप लिकेज है। जिससे नाले का पानी बहकर आता है। दुबारी में विभाग द्वारा 312 घरों में जल कल के सहारे शुद्घ पानी पीते हैं। लेकिन जल निगम विभाग लोगों को शुद्ध पेयजल के नाम पर प्रदूषित पानी पिला रहा है। शिकायतों के बाद भी क्षतिग्रस्त पाइपों को ठीक नहीं किया जाता है, जिससे दिक्कतें आती हैं। यहीं विभाग द्वारा कभी भी वोटी टेस्ट नहीं करती। जिससे पानी के प्रदूषण का पता नहीं चल पाता है। इस संबंध में मुन्ना सिंह, अहमद, देवेंद्र यादव, रिंकू आदि उपभोक्ताओं ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों को इस समस्या के संबंध में अवगत कराया जा चुका है। लेकिन विभागीय अधिकारी इसे दूर करने का प्रयास नहीं कर रहे हैं। इस बावत जेई अंकित बरनवाल का कहना है कि समस्या उनके संज्ञान में है, इस संदर्भ में आला अधिकारियों को पाइप लाइन बदलने का प्रस्ताव बनाकर भेजा जा चुका है।