बालिका शिक्षा के अंतर्गत मीना मंच के सभी ब्लॉक नोडल के साथ बैठक जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बैठक की। जिसमें ऐसी बालिकाओं का चयन करने को कहा गया जिसमें प्रतिकूल परिस्थितियों में भी वह अपनी शिक्षा जारी रख सकें। इसका सशक्त माध्यम विद्यालयों में बाल संसद और मीना मंच के जरिए बच्चों को जागरूक करना है। बीएसए ने अधीनस्थों को चेताया भी कि योजना का क्रियान्वयन नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने कहा कि जिले में ऐसी बालिकाओं का चयन किया जाए जो प्रतिकूल परिस्थितियां होने के बावजूद अपनी शिक्षा को जारी रखे। ऐसी बालिकाओं का चयन कर उनके संघर्ष की कहानी को प्रकाशित करके अन्य बालिकाओं को भी शिक्षा के प्रति जागरूक करने की जरूरत है। साथ ही उनको अपने अधिकार के प्रति संवेदनशील बनाने की आवश्यकता है।
जिला समन्वयक (बालिका शिक्षा) अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि धरातल स्तर पर प्राथमिक विद्यालयों में बाल संसद एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में मीना मंच के माध्यम से छात्र एवं छात्राओं में शिक्षा के प्रति जागरूकता एवं उनके अधिकार उन तक पहुंचाने की आवश्यकता है। इन सभी कार्यों का निरीक्षण करने के लिए जिले के प्रत्येक शिक्षा क्षेत्र के नोडल शिक्षक को निर्देश दिया कि उत्तर प्रदेश राज्य परियोजना के निरीक्षण टीम के आने से पूर्व सभी विद्यालयों का अनुश्रवण कर उन विद्यालयों पर बाल संसद एवं मीना मंच के सारे उद्देश्यों के प्रपत्र पूरे कर लिए जाएं। मीना मंच के लिए उत्कृष्ट कार्य करने के लिए ब्लॉक के नोडल शिक्षक चंद्रापीड मिश्र, राज्य स्तरीय प्रशिक्षक मीना मंच रूपेश पांडेय, आभा त्रिपाठी की सराहना की। बैठक में जिले के सभी शिक्षा क्षेत्रों के नोडल शिक्षक साधना यादव, इंदु देवी, आशुतोष कुमार राय, रामधन यादव, प्रमोद मिश्र, रामविलास भारती आदि शिक्षक उपस्थित रहे।