मऊ । जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयश्री आहूजा ने हत्या के मामले का त्वरित विचारण करते हुए चार माह सुनवाई पूरी करते हुए नामजद आरोपी को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा के साथ ही 50 हजार रुपया अर्थदंड निर्धारित किया । अर्थदंड न देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र के कहिनौर गांव का है।
मामले के अनुसार कहिनौर गांव निवासी वादी मुकदमा सूरज पुत्र रामपति राम की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि उसका भाई दुर्गविजय 11 फरवरी 2018 को दोपहर 12:30 बजे शिवकुमार के ट्यूबवेल पर पेचकस लेने गया था कि विवाद हो गया। जिस पर शिवकुमार राम पुत्र गंगाराम ने उसके भाई दुर्गविजय के सिर पर हावड़ा से प्रहार कर दिया। जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। पुलिस ने वादी की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना कहिनौर गांव निवासी शिवकुमार राम पुत्र गंगाराम के विरुद्ध साथ अप्रैल 2018 को आरोपपत्र कोर्ट में प्रेषित किया।
सीजेएम ने मामला सत्र न्यायालय का विचारण होने के चलते आठ जून 2018 को पत्रावली जिला जज के न्यायालय में भेज दिया। जिला जज के कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी मणिबहादुर सिंह ने कुल नौ गवाहों को पेश किया। जिला जज ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी शिवकुमार राम को हत्या का दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा के साथ ही 50 हजार रूपया अर्थदंड निर्धारित किया। दीवानी कचहरी के इतिहास में पहली बार हत्या जैसे जघन्य मामले में सबसे कम समय में फैसला किए जाने की सराहना होती रही।