जिले के परिषदीय विद्यालयों के छात्र-छात्राओं को 31 अक्तूबर तक नि:शुल्क ऊनी स्वेटर मुहैया करा दी जाएगी। स्वेटर की खरीद विद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से स्थानीय स्तर पर होगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित छह सदस्यीय जनपदीय समिति वितरण प्रक्रिया की निगरानी करेगी। जबकि वितरण की देखभाल बीएसए और बीईओं के जिम्मे की गई है। बच्चों को यदि स्वेटर मिलने और खरीदारी में कोई गड़बड़ी हुई तो जांच के बाद इसमें दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिले मेें 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के 1.38 लाख बच्चों को स्वेटर वितरण की कवायद तेज कर दी गई है। बच्चों को गुणवत्तापरक ऊनी स्वेटरों की खरीद विद्यालय प्रबंध समिति के माध्यम से होगी। 15 अक्तूबर तक खरीद प्रक्रिया पूरी करने के बाद 31 अक्तूबर तक इन्हें बच्चों में बांट दिया जाएगा। स्वेटर का रंग मेरून होगा। प्रति स्वेटर की कीमत 200 रुपये से अधिक नहीं होगी। जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित छह सदस्यीय समिति वितरण प्रक्रिया की निगरानी करेगी। जबकि जिला शिक्षा अधिकारी (बीएसए) तथा खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) स्कूलों में वितरण प्रक्रिया की देख-रेख करेंगे।
स्वेटर की गुणवत्ता खराब पाए जाने, फर्जी संख्या दिखाकर वितरण करने या नगद भुगतान की स्थिति में ब्लॉक स्तर पर खंड शिक्षा अधिकारी और स्कूल स्तर पर हेडमास्टर की जिम्मेदारी होगी। इसमें दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवा कर रिकवरी कराने के साथ ही दंडात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने बताया कि 31 अक्तूबर तक स्वेटर वितरण की प्रक्रिया पूरी करने की कवायद चल रही है। शासन स्तर पर इसे गंभीरता से लेने की बात कही गई और लापरवाही पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं।