दुबारी। क्षेत्र के ग्राम पंचायत तिघरा में राजकीय पशु चिकित्सालय एवं अति हिमीकृत गर्भाधान केन्द्र पर तीन वर्षों से कोई डाक्टर नियुक्त नहीं है। इसके चलते पशुओं के इलाज के लिए पशु पालकों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में इन दिनों में पशुओं में कई तरह की बीमारियां पैदा हो रही हैं।
बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के कारण नदी का पानी हटने के बाद सभी गांवों में पशुओं में बीमारियां फैलने शुरू हो गईं हैं। क्षेत्र में भैंस, गाय, बैल आदि को खुरपका बुखार आदि बीमारी हर गांव में फैल रही है। तिघरा में पशु अस्पताल में मात्र सिर्फ पशुधन प्रसार अधिकारी राजू कुमार हैं वह भी बाढ़ क्षेत्र के धर्मपुर सेंटर पर तैनात हैं। अब इस स्थिति में पशु पालक कैसे अस्पताल पर अपने बीमार पशुओं का इलाज करार सकेंगे। पशुपालकों का कहना है कि अस्पताल पर हमेशा ताला लटका रहता है। इस संबंध में बीमार पशुओं के मालिक राम आश्रय सिंह, जयश्री यादव, संतोष यादव, रामसोच यादव, देवाजीत यादव, पंचदेव मौर्य आदि ने जल्द पशु चिकित्सक की तैनाती करने को कहा है। इस संबंध में मधुबन के पशु चिकित्साधिकारी डॉ. बी एस यादव का कहना है कि तीन टीम क्षेत्र में दवा वितरण कर रही हैं। ये बरसात के पानी से वायरस से होता है और लगातार 15 सितंबर से 30 अक्टूबर तब 45 दिन तक टीम काम करेगी।