मानसून सीजन में रोपे मानसून सीजन में वन विभाग विभिन्न प्रजातियों के 1.50 लाख पौधे रोपेगा। विभाग ने इसके लिए नर्सरी लगा रखी हैं। विभाग द्वारा पौधे रोपने का कार्यक्रम भी शुरू किया जा चुका हैं, विभाग 15 अगस्त तक चिह्नित सरकारी जगहों पर लक्ष्य के सापेक्ष पौधरोपण करने का दावा कर रहा।
जिले का भौगोलिक क्षेत्र भी कम नहीं है। कृषि योग्य क्षेत्र के अलावा बंजर और बरानी एरिया भी हजारों हेक्टेयर क्षेत्र है जो खाली पड़ा है। इसके अलावा सरकारी जमीनी क्षेत्र भी लंबा चौड़ा है जहां पौधरोपण किया जा सकता है। जून अंतिम सप्ताह एवं जुलाई प्रथम सप्ताह में आमतौर पर मानसून के आगमन का समय माना जाता है। हांलाकि विभाग द्वारा एक माह लेट वृहद पौधरोपण कार्यक्रम के तहत रेलवे लाइन, ग्राम समाज और वन विभाग द्वारा कार्यक्रम के तहत 133.50 हेक्टयर जमीन में डेढ़ लाख पौधे रोपे जाने का प्रस्ताव है। इसके लिए विभाग भी अपनी योजना साथ-साथ कर रहा है। विभाग 15 जुलाई से मऊ, घोसी, मुहम्मदाबाद गोहना, दोहरीघाट में फलदार और औषधीय पौधे लगा रहा है।
विभागीय अधिकारियों का कहना हैं कि विभाग इस बार जिले में फलदार और औषधीय पौधरोपण पर ज्यादा फोकस कर रहा है। इन औषधीय पौधों में अर्जुन, जामुन, अरंठस, टोटलस और गुलर प्रमुख रूप से शामिल हैं। इनके अलावा फलदार पौधे अनार, अमरूद, नींबू और बहेड़ा के साथ कीकर, पीपल, नीम, सरस, बेरी, बरगद और सीसम के पौधे लगाए जा रहे है। विभाग के डीएफओ संजय कुमार विश्वाल का कहना हैं कि विभाग द्वारा लक्ष्य के सापेक्ष 40 फीसदी तक पौधरोपण किया जा चुका है। शेष 15 अगस्त तक लक्ष्य के सापेक्ष शतप्रशित पौधे रोप दिए जाएंगे।