अमिला। बोझी क्षेत्र के रामपुर खजुरही में भगवान भाव के भूखे और प्रेम के वशीभूत होते हैं। मनुष्य को सगुण, निर्गुण, निरंकार आदि के चक्कर में नहीं पड़ना चाहिए। परमात्मा एक है ,उसको किसी भी रूप में रखकर भक्ति कर सकते हैं। अति सरल लोगों को ही प्रभु का दर्शन और प्राप्ति होती है। ये बातें इलाहाबाद से पधारे आचार्य शांतनु जी महाराज ने रामपुर खजुरही शिव मंदिर पर सोमवार की रात में मानस कथा का रसास्वादन कराते हुए कही।
उन्होंने वर्तमान के प्रेम व अध्यात्म के प्रेम में बहुत अंतर बताया कहा कि प्रेम में खंडन की तनिक भी गुन्जाइश नहीं होती है।भगवन मात्र भाव रूपी प्रेम से ही प्रकट होते हैं। संत के मिलन से ही प्रभु के मिलन का मार्ग प्रशस्त हो जाता है। उन्होंने कहा कि काम , क्रोध और लोभ कभी समाप्त नहीं हो सकता। ये तीनों जीवन के लिए आवश्यक हैं। इनके बिना संसार का निर्माण नहीं हो सकता। हां, इतना जरूर है कि अपने को वश में रखकर व संयमित होकर ईश्वर की आराधना करें।इसके पूर्व बाबा भोले नाथ का दिन में पूजन- अर्चन व रुद्राभिषेक के साथ अन्य धार्मिक कार्य भी हुए।
रविवार को मानस कथा का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष उर्मिला जायसवाल, आलोक जायसवाल व पूर्व प्रमुख विद्युत प्रकाश यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मानस कथा के अंत में श्री राम चरित मानस की आरती कर प्रसाद वितरण हुआ। कैलाश सिंह, प्रवीण सिंह, गुलाब सिंह, सुरेन्द्र यादव प्रधान, रणजीत सिंह, राजेंद्र सिंह, बृजेश सिंह, कमलेश प्रजापति, गुड्डू सिंह, राकेश सिंह, शिवम, अंकित, अखंड, राजीव आदि उपस्थिति रहे।