मऊ। दिमागी बुखार से बच्चों ,किशोरों और युवाओं को बचाने के लिए लगने वाला जेई अभियान जिले में 15 दिन तक चलाया गया। इस अभियान में 83 हजार बच्चों को लगाए गए जेई के टीके लगाए गए। स्वास्थ्य विभाग ने लक्ष्य के सापेक्ष19 प्रतिशत अधिक बच्चों को टीका लगाया। इस अभियान में जिले की बड़रांव सीएचसी लक्ष्य 4048 के सापेक्ष 7421 बच्चों को टीका लगाकर 183.33 प्रतिशत उपलब्धता हासिल किया है। जिले में जेई अभियान में 73 हजार तिरासी बच्चों और किशोरों को टीके लगाने का लक्ष्य था ।
जेई अभियान में जिले में विभाग द्वारा पहले के अभियान से छूटे हुए बच्चों की संख्या 70 हजार 83 चिह्नित की गई थी। इसके लिए नगर मुख्यालय और सभी नौ ब्लाकों में 3364 सत्र आयोजित किए गए। फतेहपुर मंडाव सीएचसी की ओर से लक्ष्य 6257 के सापेक्ष 11 हजार 94 बच्चों को टीके लगाकर 177.31 प्रतिशत की उपलब्धि हासिल की गई। जबकि मुहम्मदाबाद गोहना सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने चिह्नित 18 हजार 927 के सापेक्ष 18 हजार 124 बच्चों को टीके लगाए गए । यहां सबसे कम उपलब्धि 95.76 प्रतिशत रही। इसके अलावा रतनपुरा में 5629 के सापेक्ष 6448 बच्चों को टीके लगाए गए। परदहा सीएचसी के अंतर्गत 4048 के सापेक्ष 7421 बच्चों को टीके लगाए गए। कोपागंज क्षेत्र में 7862 के सापेक्ष 8336 बच्चों को जेई के टीके लगाए गए। घोसी में 5734 के सापेक्ष 7249 बच्चों और बड़रावं क्षेत्र के अंतर्गत 7768 के सापेक्ष 8930 बच्चों को तथा रानीपुर में 6789 के सापेक्ष 7069 बच्चों को टीके लगाए गए। इनके सापेक्ष यहां 5130 बच्चों को टीके लगाए गए। दोहरीघाट सीएचसी के अन्तर्गत 3754 बच्चे जेई के टीके से वंचित चिह्नित किए गए थे। सबसे कम मऊ शहर में 3315 के सापेक्ष 3807 बच्चों को टीके लगाए गए। सीएमओ डा. आरके मिश्र ने बताया कि लक्ष्य के सापेक्ष जनपद में 183 प्रतिशत तक उपलब्धता हासिल की गई है। जिला स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी हरिवंश यादव बताते हैं कि जेई अभियान में चलाए गए 3366 सत्रों के दौरान कुल 83 हजार 608 बच्चों को टीके लगाकर मस्तिष्क ज्वर से बचाव का प्रयास किया गया।