पिपरीडीह (मऊ)। सरायलखंसी थाना क्षेत्र के कहिनौर बाजार में ध्वजारोहण के दौरान हाईटेंशन तार टूटकर गिरने से झुलसकर प्रधानाचार्य के साथ तीन बच्चे झुलस गए। घटना के दौरान मौके पर हड़कंप मच गया था। आनन फानन में झुलसे लोगों को उपचार के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया।
सरायलखंसी थाना क्षेत्र के कहिनौर गांव स्थित माता संजाफी देवी शिक्षण संस्थान में गणतंत्र दिवस के अवसर पर शनिवार की सुबह नौ बजे के करीब में ध्वजारोहण का कार्यक्रम चल रहा था। इस दौरान विद्यालय के उपर से गुजरे हाईटेंशन तार स्पार्किंग के बाद टूट कर गिर गया। बताया जाता है कि तार विद्यालय परिसर में ध्वजारोहण के लिए लगाए गए खंभे से टकराया। इसके चलते उसमें करेंट उतर गया। इस दौरान करेंट की चपेट में आने से कहिनौर गांव निवासी और कक्षा सात के छात्र सचिन राम (12) पुत्र अवधेश राम, आदित्य गिरी (13) पुत्र मिथिलेश गिरी तथा नसीरपुर गांव निवासी सामवंत प्रजापति (15) पुत्र रामवृक्ष प्रजापति के साथ प्रधानाचार्य विद्याधर मौर्य (45) पुत्र शिवमोहन मौर्य झुलस गए। अचानक हुए इस हादसे से विद्यालय परिसर में अफरातफरी मच गई। इस दौरान रंगारंग कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। देखते ही देखते गांव के लोगों के साथ अभिभावकों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। लोगों की मदद से झुलसे छात्र और प्रधानाचार्य को लोग उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाकर भर्ती कराए। सूचना मिलने पर डायल 100 की वैन भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस कर्मचारियों ने मौका मुआयना किया। विद्यालय के प्रबंधक शिवमोहन वर्मा का कहना है कि विद्यालय के ऊपर से गुजरे बिजली के तार को हटाने के लिए विभाग को ज्ञापन सौंपा गया था। लेकिन आज तक तार हटाया नहीं जा सका है। जबकि जेई विकास दुबे का कहना है कि विद्यालय की तरफ से तार हटाने के लिए कभी कोई ज्ञापन नहीं सौंपा गया है। झुलसे प्रधानाचार्य और छात्रों का उपचार रविवार को भी जिला अस्पताल में चल रहा था। इस संबंध में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई है।
हादसे के बाद जागा विभाग, प्रबंधक दिया नोटिस
मऊ। गणतंत्र दिवस पर करेंट उतरने से जिस विद्यालय के प्रधानाचार्य और छात्र झुलसे दरअसल उसकी मान्यता कक्षा पांच तक ही है। हादसे में कक्षा सात के बच्चे झुलसे हैं। घटना के बाद जागा शिक्षा विभाग हादसे के बाद विद्यालय प्रबंधक को नोटिस जारी किया। खंड शिक्षा अधिकारी परदहां ब्लाक रमेश सिंह ने जारी नोटिस में प्रबंधक से जवाब तलब किया गया है कि आखिर पांच की मान्यता होते हुए कक्षा आठ तक की शिक्षा कैसे दी जा रही थी। खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि विद्यालय प्रबंधक को सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के बाद उसे खोलने का आदेश दिया गया है।