मऊ। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से ‘किशोरी सुरक्षा योजना’ के तहत जिले के परिषदीय, राजकीय तथा सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 10 से 19 वर्ष तक की एक लाख छात्राओं को सेनेटरी नैपकिन वितरित की जाएगी। साथ ही चिकित्सकों द्वारा छात्राओं को सफाई का महत्व समझाया जाएगा।
जिले के 1600 सरकारी परिषदीय विद्यालयों, राजकीय, सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 10 से 19 वर्ष की लगभग एक लाख छात्राएं अध्ययनरत हैं। स्कूलों में बालिकाओं के बढ़ते ड्रॉप आउट को नियंत्रित करने के लिए सरकार गंभीर है। इसी के तहत स्कूलों में पढ़ने वाली किशोरियों को खास दिनों में भी स्कूल जाने में दिक्कत न हो, इसके लिए शासन की तरफ से किशोरी सुरक्षा योजना के तहत सरकारी स्कूलों में नि:शुल्क सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना के तहत प्रति छात्रा को सेनेटरी नैपकिन के पांच पैड दिए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग की तरफ से सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए जाने वाली चिकित्सकों की टीम छात्राओं को ट्रेनिंग देने के साथ ही हाईजीन के बारे में भी जागरूक करेगी। इसके लिए स्कूल की महिला शिक्षिका को ट्रेनिंग दी जाएगी। महिला शिक्षिका के न होने की स्थिति में क्लास की एक छात्रा को प्रशिक्षित करेगी।
किशोरी स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत एक लाख छात्राओं को नि:शुल्क सैनेटरी नैपकीन वितरित करने की योजना है। शासन से मांग की गई है।
रविंद्र नाथ, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन)