मऊ। जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयश्री आहूजा ने दुराचार के मामले में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दिया। वहीं, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट नंबर एक वीरनायक सिंह ने नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुराचार करने के मामले में नामजद आरोपी की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। जजों ने बचाव पक्ष और अभियोजन के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद पारित किया।
मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है। मामले के अनुसार वादी मुकदमा की युवती को 6 मई 2016 को आरोपीगण मुमताज, वकील और मुश्ताक अहमद साजिश करके भगा ले गए। इस दौरान पीड़िता के साथ आरोपी ने दुराचार किया। मामले में आरोपी मुंशीपुरा मुहल्ला निवासी मुश्ताक अहमद पुत्र मुख्तार अहमद की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई।
वहीं, दूसरा मामला मधुबन थाना क्षेत्र का है। मामले के अनुसार वादी की 15 वर्षीय नाबालिग लड़की का दो अक्टूबर 2017 की रात्रि में अपहरण कर लिया गया। इस दौरान आरोपीगण ने उसके साथ सामूहिक दुराचार किया। मामले में आरोपी मधुबन थाना क्षेत्र के सौदी खुजहा गांव निवासी संजीव कुमार पुत्र रामदरश चौहान की ओर से जमानत के लिए अर्जी दी गई। अर्जी पर बचाव पक्ष और एडीजीसी विमल श्रीवास्तव के तर्कों को सुनने तथा केस डायरी का अवलोकन करने के बाद जिला जज ने जमानत अर्जी खारिज कर दिया।