जिले के विभिन्न इलाकों में अच्छी बारिश होने से धान की फसल अच्छी होने से किसान खुश हैं। सितंबर माह में भी बारिश का क्रम जारी रहने की संभावना है। उधर, दोहरीघाट तथा मधुबन के देवारा में आई बाढ़ से लोग परेशान हैं। काफी दिनों से फसल जलमग्न होने से किसानों को नुकसान की चिंता सताने लगी है।
जिले में 90292 हेक्टेयर उपजाऊ भूमि पर धान की खेती हो रही है। जुलाई माह में सूखे की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। जुलाई माह तक 40 मिमी बारिश हुई थी। इसके चलते 90292 हेक्टेयर के सापेक्ष 22573 हेक्टेयर उपजाऊ भूमि पर धान की रोपाई हो पाई थी। लेकिन अगस्त माह से अच्छी बारिश शुरू होने के चलते धान की बुआई में तेजी आनी शुरू हुई। इसके चलते लक्ष्य के सापेक्ष 98 प्रतिशत धान की बुआई की गई है। धान के फसल में तेजी से बढ़ोत्तरी होने से किसानों के चेहरे पर चमक आ गई है। लेकिन वहीं दूसरी तरफ घाघरा में बाढ़ आने से घोसी तहसील क्षेत्र के दोहरीघाट ब्लाक तथा मधुबन तहसील के देवारा इलाके के 12 गांवों की हजारों एकड़ फसल पानी में डूब जाने से किसानों को फसल नष्ट होने की चिंता सताने लगी है। ऐसे में फसल क्षति का आकलन कर मुआवजा देने की मांग उठने लगी है। कृषि विशेषज्ञों की मानें तो सितंबर माह में अच्छी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार का कहना है कि सितंबर माह में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
बारिश का आंकड़ा वर्षवार
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वर्ष बारिश (मिमी में)
2008 में 988. 89 मिमी
2009 में 426.25 मिमी
2010 में 411.58 मिमी
2011 में 558.75 मिमी
2012 में 607. 40 मिमी
2013 में635.88 मिमी
2014 में 416.25 मिमी
2015 में 383.30 मिमी
2016 में 534.98 मिमी
2017 में 315. 75 मिमी
2018 में अब तक 315 मिमी