मऊ। मंडल मुख्यालय पर आयोजित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में जिले से रवाना किए गए वाहनों के सकुशल प्रस्थान करने और उनके वापसी तक पुलिस प्रशासन काफी एलर्ट रहा। इस दौरान आजमगढ़ मोड़ के साथ अन्य चौराहों पर पुलिस फोर्स तैनात रही। रैली में लोगों के जाने के लिए इंतजाम में प्रशासन ने स्कूली वाहनों को अधिग्रहित कर लिया। इसका परिणाम रहा कि शनिवार को जिले के अधिकांश विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा में आम जनता को भेजने के लिए भाजपा कार्यकर्ता के साथ जिला प्रशासन भी जुटा था। इस दौरान बीते 11 जुलाई की रात विकास भवन में बकायदे बैठक करके बसों में पचास -पचास के हिसाब से व्यक्तियों को बैठाने और उन्हें सुविधा मुहैया कराने पर चर्चा की गई। इस दौरान कर्मचारी मानो पोलिंग पार्टियों को रवाना करने की कवायद में जुटे रहे। शनिवार को सुबह से रैली के वाहनों को पुलिस ने हर चौराहे तिराहे से पास कराया। इस दौरान वाहनों के फ्रंट शीशे पर वाहन संख्या और क्षेत्र का नाम लिखे वाहन मऊ से रवाना हुए। पार्टी सूत्रों से पता चला कि हर विधायक को दस-दस हजार की भीड़, सांसद को पचास हजार और पदाधिकारियों को कम से कम एक हजार लोगों की भीड़ लेकर आजमगढ़ के लिए रवाना होना था। इसके लिए जिले से 240 वाहनों को हायर किया गया था। इसके अलावा ट्रेन सुविधा का भी लाभ कार्यकर्ताओं ने उठाया। महीने का दूसरा शनिवार होने की वजह से छुट्टी, दूसरे स्कूली वाहनों के चले जाने से विद्यालयों के बंद होने से शनिवार को नगर क्षेत्र में सन्नाटे की स्थिति रही।