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बेमौसम बारिश से घटेगी गेहूं की पैदावार

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मऊ। रबी सीजन में बेमौसम बारिश और आंधी ने तबाही मचाई है। गत एक पखवारे के अंदर तीन बार हुई बारिश और आंधी से गेहूं की पैदावार लगभग 10 से 15 प्रतिशत घट सकती है। बारिश में गेहूं की फसल के भीगने से दाने की चमक गायब होने से बाजार में रेट कम मिल सकता है। आंधी से आम की फसल को भी काफी नुकसान पहुंचा है। आला अधिकारी राजस्व विभाग की तरफ से क्षति आकलन करने की बात कहकर मामले से पल्ला झाड़ ले रहे हैं।
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जिले में 95 हजार हेक्टेयर पर गेहूं की खेती की जाती है। एक पखवारे में तीन बार आंधी बारिश से रबी की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। आंधी से खेत में खड़ी गेहूं की फसल खराब हो गई है। इससे कटाई में समस्या आ रही है। काटकर खेत में छोड़ी गई फसल लगातार तीन बार भीग जाने से गेहूं के दाने की चमक गायब हो गई है। ऐसे में मार्केट में कम रेट मिलेगा। आंधी-पानी से गेहूं की पैदावार में 10 से 15 प्रतिशत कमी आ सकती है। किसानों के अनुसार भीगी फसल को सूखाकर मड़ाई कराने के बाद भूसा भी 10 प्रतिशत कम मिल रहा है। दाना पीला पड़ गया है। बाजार में अपेक्षा के अनुरूप दाम नहीं मिल पा रहा है। आम की फसलों को लगभग 20 से 25 प्रतिशत काफी क्षति पहुंची है। बारिश से टमाटर की फसल का काफी नुकसान हुआ है। इस संबंध में किसान नेता देवप्रकाश राय, राकेश सिंह, किसान शिवाकांत सिंह का कहना है कि बेमौसम बारिश से गेहूं, जौ सरसों सहित अन्य फसलों का काफी नुकसान पहुंचा है। प्राकृतिक प्रकोप से प्रतिवर्ष रबी फसलों को नुकसान हो रहा है। लेकिन किसानों की फसल क्षति का एक पाई मुआवजा नहीं मिल सका है। विभागीय अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया बावजूद मुआवजा नहीं मिल सका है। इस बाबत जिला कृषि अधिकारी उमेश कुमार का कहना है कि राजस्व विभाग की तरफ से फसल क्षति का आकलन कराया जा रहा है।
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