मऊ। कोटेदार कल्याण समिति के तत्वावधान में बुधवार की सुबह जिले के कोटेदारों ने कलेक्ट्रेट पर पहुंचकर प्रदर्शन किया। कोटेदारों ने कमीशन में वृद्धि न होने की दशा में वेतन दिए जाने की मांग के साथ अन्य मांगों का ज्ञापन प्रभारी जिलाधिकारी को सौंपा।
डीएम को सौंपे गए ज्ञापन में कोटेदारों ने वेतन के अलावा पर्यवेक्षणीय अधिकारियों की देख रेख में खाद्यान्न वितरण कराने, पीओएस मशीन बदलने और डोर स्टेप डिलीवरी सहित अन्य मांगों को शामिल किया। कोटेदारों का आरोप था, कि राशन वितरित करने के लिए लगाई गई बायोमैट्रिक मशीन सहित तरीके से काम नहीं कर रही। इस दौरान उन्हें उपभोक्ता गालियां देतें है। बताते चले धरना प्रदर्शन से पूर्व जिले भर के कोटेदार जिला मुख्यालय स्थित डीएवी महिला डिग्री कालेज परिसर में एकत्र हुए। वहां पर कोटेदार समिति की बैठक जिलाध्यक्ष सुभाष चंद पटेल की अध्यक्षता में हुई। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि सरकारी सस्ते गल्ले की दूकानों पर जो पीओएस मशीनें भेजी गई हैं वे काफी घटिया किस्म की हैं। ये बार बार खराब हो जा रही हैं। कहा कि अब तक कोटेदारों को जो कमीशन मिलता है वह काफी कम है। उस कमीशन से कोटेदार दूकान का किराया ट्रैक्टर भाड़ा , खाद्यानन् की लदाई और उतरवाई भी नहीं दे पाते । कमीशन से होने वाली आमदनी एक दिहाड़ी मजदूर से भी कम होती है। इससे इस मंहगाई के दौर में परिवार का भरण पोषण कर पानां संभव नहीं हो रहा है। कोटेदारों ने राज्य कर्मचारी के समान वेतन देने की आवाज उठाई । कोटेदारों का कहना था कि विभागीय अिधिकारियों द्वारा उनका तरह तरह से उत्पीड़न किया जाता है। इससे राहत दिलाई जाए। कोटेदारों ने खाद्यान्न की डोर स्टेप डिलीवरी की मांग किया। इसके बाद कोटेदार कलेट्रेट पहुंचे और विरोध प्रदर्शन के बाद ज्ञापन जिलापूर्ति अधिकारी को सौंपा। इस मौके पर राजेंद्र यादव , एकबाल अहमद, गिरीश चंद , राजकुमार , अरविंद , राधेश्याम , शैलेंद्र कुमार , हरिशंकर सिंह , ओमप्रकाश सिंह , जितेंद्र बहादुर सिंह, मनोज कुमार , कमलेश , जमशेद अख्तर , अब्दुल कलाम और दिवाकर तिवारी सहित लगभग 70 से अधिक कोटेदार शामिल रहे।