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Mau News: 120 दिन में 18 ने छोड़ा तंबाकू, अब दूसरों को करेंगे प्रेरित

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मऊ। देश में हर साल कैंसर से लाखों लोगों की मौत हो जाती है। तंबाकू, सिगरेट, गुटका सेवन करने वालों में कैंसर का खतरा अधिक रहता है।
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अधिकांश लोग इस बीमारी की चपेट में आने से जान गंवा देते हैं, वहीं कुछ जीवट इच्छाशक्ति वाले न सिर्फ इस बीमारी से लड़कर जीतते हैं बल्कि स्वस्थ होने के बाद लोगों को तंबाकू, सिगरेट औैर गुटका छोड़ने के लिए प्रेरित भी करते हैं। ऐसे ही 18 लोगों ने इस साल तंबाकू सेवन न करने का संकल्प लेकर दूसरों को जागरूक कर रहे है। इनके प्रयास से दस लोग अब तक तंबाकू छोड़ चुके हैं।
जिले के तंबाकू नियंत्रण अभियान के जिला सलाहकार डॉ. अश्वनी सिंह ने बताया कि इस साल काउंसिलिंग करने के लिए जिला अस्पताल में 3508 लोग पहुंचे जो कि तंबाकू या गुटखा खाते हैं। इसमें काउंसिलिंग के दौरान 18 लोगों ने इसको छोड़ने के साथ खुद तीन तीन लोगों की टीम बनाकर दूसरों को इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प स्वास्थ्य विभाग के सामने लिया। बताया कि इसमें एक युवक है, जिन्होंने सबसे पहले इसमें विभाग के साथ मिलकर लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया।
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युवक ने बताया कि किशोर अवस्था में ही उन्हें गुटखा खाने की लत लग गई थी। जिला अस्पताल में दिखाया तो डॉक्टरों ने दांत की दिक्कत बताकर दवाइयां दे दी, लेकिन कुछ लाभ नहीं हुआ। लखनऊ में जांच कराने पर उन्हें कैंसर होने की जानकारी मिली। आर्थिक रूप से अधिक संपन्न नहीं होने के कारण साजिद को इलाज की चिंता सताने लगी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
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परिवार और साथियों की मदद से उन्होंने कैंसर का ऑपरेशन कराया। वे कहते हैं कि इलाज के दौरान उन्हें पहली बार तंबाकू की भयावहता का अहसास हुआ।बताया कि वर्तमान में बीते एक साल से स्वस्थ हैं, लेकिन दवाइयां अब भी चल रही हैं। ऑपरेशन के कारण उनके चेहरा भी पहले जैसा नहीं रहा, लेकिन वह कहते हैं कि उन्हें जिंदगी ने सबसे बड़ा सबक दिया है। एसीएमओ डॉ. बीके यादव ने बताया कि जागरूकता अभियान का सकारात्मक परिणाम सामने आ रहा है, इस साल 18 लोगों ने जहां तंबाकू छोड़ने का संकल्प लिया है, वहीं बीते साल 3708 लोगों का काउंसिलिंग के दौरान यह संख्या 23 थी। हालांकि काउंसिलिंग कराने वालों की संख्या में महज यह एक फीसदी है, लेकिन धीरे धीरे तंबाकू छोड़ने वालों का ग्राॅफ बढ़ रहा है।
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