मऊ। नगर स्थित ब्लाक संसाधन केंद्र परदहा के सभागार में एडोलसेंट कार्यक्रम पर आधारित मीना मंच कार्यशाला का तीन दिवसीय कार्यशाला गुरुवार को संपन्न हो गई। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी ने कहा कि किशोर-किशोरियों को प्यार दुलार व सही परामर्श देने की जिम्मेदारी जहां परिवार में माता पिता की है। वहीं विद्यालयों में हम शिक्षकों की है। शिक्षक ही छात्रों के अंदर जीवन कौशल विकसित करने में सहयोगी की भूमिका निभा सकते हैं। जिला समन्वयक बालिका शिक्षा अखिलेश सिंह ने कहा कि किशोर किशोरियों में अपनी जिज्ञासाओं को समझने, अपने बारे में जानने एवं स्वयं निर्णय लेने की क्षमता का विकास करना ही मीना मंच का उद्देश्य है।खंडशिक्षा अधिकारी परदहा रमेश सिंह ने कार्यशाला में प्रस्तुत गतिविधियों को विद्यालयों में व्यवहारिक रूप से लागू करने का आह्वान सुगमकर्ताओं से किया। मास्टर ट्रेनर अरविंद पांडेय, साधना यादव ने स्वस्थ जीवन जीने,जीवन कौशल,अंधविश्वास, अशिक्षा जैसे विषयों पर रोल प्ले एवम समूह कार्य कराते हुए छुआछूत, एड्स जैसे गंभीर विषयों पर विस्तार से चर्चा की।कार्यशाला में सहेंद्र सिंह, सुधा वर्मा, प्रतिभा राय, अनिता यादव, रीता द्विवेदी, मंजू सिंह,रंजना श्रीवास्तव, दीपिका,गायत्री आदि शामिल रहे।