मऊ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लोकेश नागर ने हत्या के मामले में सुनवाई के बाद रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने का आदेश थानाध्यक्ष चिरैयाकोट को दिया है। मामला चिरैयाकोट थाना क्षेत्र का है। मामले के अनुसार चिरैयाकोट थाना क्षेत्र के छपरा चक बदरुद्दीन गांव निवासी विमला देवी पत्नी सुरेश कनौजिया की ओर से सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया गया। इसमें चंद्रावती, गनेश, प्रमोद, रमेश, लाल बिहारी, बबलू और दद्दन को आरोपी बनाया। वादिनी का कथन है कि उसके जेठ श्याम बिहारी सेना से सेवानिवृत्त हो गए। उनका अपनी पत्नी से विवाद चल रहा था। जिसके संबंध में न्यायालय में मुकदमा चल रहा था। श्याम बिहारी के पेंशन और फंड को लेकर उनकी पत्नी और बच्चों में हुआ था। जिसके बावत भी न्यायालय में मुकदमा चल रहा था। वादिनी का आरोप है कि अभियुक्तगण श्यामबिहारी को चार अप्रैल 2018 को गायब कर दिए। पांच अप्रैल 2018 को सरसेना गांव के पास श्यामबिहारी का शव मिला। वादिनी का आरोप है कि आरोपीगण ने श्यामबिहारी का पैसा और फंड हड़पने के लिए उनकी हत्या कर शव को फेंक दिया। सीजेएम ने अर्जी पर वादिनी के अधिवक्ता सतीश कुमार राय के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद प्रभारी निरीक्षक चिरैयाकोट को आदेश दिया कि वह मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करें।