चिरैयाकोट। नगर पंचायत चिरैयाकोट सहित ग्रामीण क्षेत्रों में आए दिन हो रही बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। पिछले एक माह से तो बिजली का कोई शेड्यूल ही नहीं रह गया है। हालात यह है कि लोग खुद तय नहीं कर पा रहे हैं कि कब बिजली आएगी या कब चली जाएगी। कटौती से जहां नगरवासी परेशान हैं, वहीं सिंचाई न होने से किसानों की मुसीबतें बढ़ने से विभाग के प्रति रोष पनप रहा है।
चिरयाकोट 33/11 उपकेंद्र से चिरैयाकोट नगर पंचायत के 15 वार्डों सहित युसूफाबाद, जमीन बुढ़ान, जमीन काजी हसन, बक्काबाड़, जमीन दुर्गा, औसतपुर, रसूलपुर, भिखमपुर, मनजीत, ताजपुर सहित 50 गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। शासन द्वारा निर्धारित शेड्यूल के अनुसार नगर में 20 घंटे तो ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटे निर्धारित है। लेकिन नगर में जहां बमुश्किल 10 घंटे तो ग्रामीण क्षेत्रों में 8 घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। दिन रात बिजली कटौती के चलते नगर पंचायत के साथ क्षेत्र के 50 गांवों में उपकरण शोपीस बनकर रह गए हैं, इससे लोगों में बिजली महकमे के प्रति आक्रोश पनपता जा रहा है। कई दिनों से सर्दी अपना पूरा असर दिखा रही है। वहीं मनमाने तरीके से बिजली की कटौती की जा रही है। सप्लाई के आने-जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है।
बिजली न होने के चलते फसलों का सिंचाई कार्य बाधित हो रहा है। मजबूरन ठंड में किसानों को रात में जागकर खेतों की सिंचाई करने के कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में सुरेश गुप्ता, आशीष गुप्ता, पंकज गुप्ता, शुभम मौर्या, रमेशचंद मौर्य , राकेशचंद्र वर्मा , मनोज जायसवाल , मुन्ना चतुर्वेदी ने बताया कि कई बार संबंधित विभागीय अधिकारियों को बिजली आपूर्ति में सुधार की मांग कर चुके हैं। इस बाबत अधिशासी अभियंता मनोज कुमार का कहना है बिजली आपूर्ति स्थानीय स्तर से की जा रही है, ऊपर से जितनी बिजली आपूर्ति की जा रही है, उसी हिसाब से यहां से आपूर्ति हो रही है।