मऊ। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट लोकेश नागर ने 33 वर्ष पुराने मारपीट के मामले में नामजद एक आरोपी को दोषी पाते हुए एक वर्ष की सजा के साथ ही 500 रुपया अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है।
अभियोजन के अनुसार मलिक ताहिर पुरा मोहल्ला निवासी मोहम्मद खान पुत्र हाफिज गुलाम रसूल की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि सात अगस्त 1985 को बच्चों के विवाद के उलाहना देने की रंजिश को लेकर उसी के मोहल्ला का निवासी न्याज ऊर्फ झूरी पुत्र अब्बास ने उसे मारपीट कर चोटें पहुंचाया। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एपीओ राजेश कुमार मल्ल ने पांच गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से कहा गया कि उसे झूठा फंसाया गया है। सीजेएम ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपी न्याज उर्फ झूरी को मारपीट का दोषी पाते हुए एक वर्ष की सजा के साथ ही 500 रुपया अर्थदंड निर्धारित किया । साथ ही अर्थदंड न देने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।