अटेवा पेंशन बचाओ मंच के तत्वावधान में शिक्षकों तथा राज्यकर्मियों ने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर रविवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित सांसद सूचना केंद्र कार्यालय पर एक दिवसीय उपवास किया गया। साथ ही सांसद प्रतिनिधि को ज्ञापन भी सौंपा गया। कहा कि नई पेंशन योजना पूरी तरह शेयर बाजार पर आधारित है।
संगठन के मंडलीय मंत्री धर्मवीर सिंह ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना तथा नई पेंशन योजना में भारी अंतर है। इसके चलते देश में 48 लाख अधिकारी, शिक्षक तथा कर्मचारी पीड़ित हैं। पुरानी पेंशन योजना में पेंशन के लिए वेतन से कोई कटौती नहीं होती है। जबकि नई पेंशन योजना में मूल वेतन तथा महंगाई भत्ते के योग का 10 प्रतिशत कटौती हो रही। नई पेंशन योजना मेें जीपीएफ सुविधा उपलब्ध नहीं है। जीपीएफ की रकम जरूरत के अनुसार निकाली जा सकती है। कर्मचारी के वेतन से 10 प्रतिशत अंशदान के आधार पर सेवा के 10 वर्ष बाद विशेष परिस्थिति में जटिल कागजी प्रक्रिया के उपरांत अंशदान की राशि से मात्र 25 प्रतिशत निकासी की व्यवस्था है।
मीडिया प्रभारी अजय शंकर यादव ने कहा कि पुरानी पेंशन योजना रिटायरमेंट के समय निश्चित पेंशन की व्यवस्था है। नई पेंशन योजना पूरी तरह शेयर बाजार पर आधारित है। पुरानी पेंशन योजना में प्रत्येक छह माह के अंतराल पर मिलने वाली महंगाई भत्ता लागू होती है। नई पेंशन योजना में महंगाई नहीं लागू है। पुरानी पेंशन योजना में हर 10 वर्ष पश्चात वेतन आयोग का लाभ प्राप्त होता है। निर्णय लिया गया कि यदि पुरानी पेंशन स्कीम लागू नहीं की गई तो 26 नवंबर को संसद का घेराव किया जाएगा। इस अवसर पर नित्यप्रकाश यादव, रामकृष्ण भारद्वाज, सुकांत, हरेंद्र प्रसाद, रामानंद यादव, दिनेश कुमार, मनोज कुमार, विजयपाल सिंह आदि शामिल रहे।