एक सितंबर से 31 अक्तूबर तक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण मतदाता पंजीकरण अभियान के तहत अब तक 28 दिनों में महज आठ हजार 640 युवाओं ने कराया पंजीकरण कराया है। चुनाव आयोग द्वारा निर्धारित अवधि का आधा समय लगभग बीत चुका है। लेकिन नए मतदाताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया काफी धीमी है। कार्यक्रम में लापरवाही बरतने के आरोपी चार बीएलओ को अब तक निलंबित किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त पिछले कार्यक्रम में जिन मतदाताओं ने अपना पंजीकरण कराया था। उनमें से दो हजार 781 के पहचान पत्र अभी तक नहीं मिले हैं।
आगामी लोक सभा चुनाव नजदीक आने पर चुनाव आयोग की ओर मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके तहत 18 वर्ष की उम्र पूरी कर चुके युवाओं को वोटर बनाने में जुटी है। पहली सितंबर से अब तक अब तक आठ हजार 640 युवाओं ने मतदाता बनने के लिए पंजीकरण कराया है। जिले में 15 लाख 93 हजार आठ मतदाता हैं, इनमें आठ लाख 63 हजार चार सौ पांच पुरुष मतदाता और सात लाख 29 हजार 519 महिला मतदाता हैं। जिले की चार विधान सभा क्षेत्रों में पहली सितंबर से नौ सितंबर तक के पहले चरण में फार्म 6 के 1818 , फार्म 7 के 434 और फार्म 8 के 166 पंजीकरण किए गए थे। जबकि 10 सितंबर से 23 सितंबर तक 6 हजार 525 युवाओं ने मतदाता बनने के लिए पंजीकरण कराया जबकि 24 सितंबर से 28 सितंबर तक 297 युवाओं ने मतदाता बनने के लिए फार्म 6 भरा है। इसी प्रकार 2101 मतदाताओं के नाम हटाने के लिए फार्म 7 भरे गए हैं। जबकि 743 मतदाताओं ने अपने त्रुटिपूर्ण नामों को संशोधित करने के लिए फार्म आठ भरे हैं। कार्यक्रम में लापरवाही बरतने के आरोपी चार बीएलओ को अब तक निलंबित किया जा चुका है। हालांकि पिछले कार्यक्रम के दौरान जिन युवाओं ने फार्म 6 और फार्म 7 भरने वाले नये मतदाताओं को अब तक मतदाता पहचान पत्र ही नहीं मिल पाए हैं। चारों विधान सभा क्षेत्रों में कुल लगभ दो हजार 781 मतदाताओं को अब तक वोटर आईडी नहीं मिल सके हैं। इस संबंध में एडीएम डीपी पाल का कहना है कि सभी बीएलओ, पर्यवेक्षक, बीडीओ और एसडीएम को सभी पात्र युवाओं के फार्म भरवाकर उनका पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया है।