मऊ। अधिवक्ता से रंगदारी मांगे जाने के मामले में कार्रवाई न होने, दो अधिवक्ताओं के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने सहित पुलिस की कार्यप्रणाली से नाराज अधिवक्ताओं ने मंगलवार को राष्ट्रीय राजमार्ग जाम कर दिया। अधिवक्ताओं ने पुलिस प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। दो घंटों तक हाइवे पर पूरी तरह गमनागमन ठप रहा। केवल एंबुलेंस को अधिवक्ताओं ने जाने दिया। इस दौरान स्कूली वाहनों को भी नहीं बख्शा गया। मौके पर पहुंचे डीएम प्रकाश बिंदु और पुलिस अधीक्षक ललित कुमार सिंह ने 48 घंटे में कार्रवाई का आश्वासन दिया। तब जाकर जाम समाप्त हुआ। जाम दो घंटे तक चला। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ तीन किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। विद्यालयों से छुट्टी के बाद लौट रहे बच्चों भी जाम के चलते परेशान रहे।
सिविल कोर्ट सेंट्रल बार एसोसिएशन की बैठक मंगलवार को संघ के पुस्तकालय भवन में हुई। इसमें अधिवक्ता धनंजय राय के विरुद्ध कोपागंज थाने में दर्ज एफआईआर को निरस्त करने, अधिवक्ता रामरतन निषाद से मांगी गई रंगदारी के मामले में पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई न किए जाने, अधिवक्ता लल्लन राम के विरुद्ध दर्ज एफआईआर को निरस्त किए जाने तथा अधिवक्ता जयप्रकाश यादव की नाली को जबरदस्ती बंद किए जाने के प्रकरण में पुलिस प्रशासन के ढुलमुल रवैया से आक्रोशित अधिवक्ताओं ने गहरी नाराजगी जताई। साथ ही प्रस्ताव पासकर सभी मामलों में कार्रवाई की मांग को लेकर पूरे दिन न्यायिक कार्य से विरत रहे। बैठक के बाद अधिवक्ता अपराह्न एक बजे से दीवानी कचहरी से जुलूस निकालकर पुलिस प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए हाईवे जाम कर दिया। इस दौरान पुलिस प्रशासन का पुतला अधिवक्ता लिए हुए थे। जाम से निकलने के प्रयास में एक दो राहगीरों और अधिवक्ताओं में झड़प भी हुई। जाम की सूचना पर मौके पर कई थानों की पुलिस फोर्स बुला ली गई। सीआरओ, एसडीएस सदर, एएसपी मौके पर पहुंचकर अधिवक्ताओं से वार्ता करना चाहे लेकिन अधिवक्ता मौके पर डीएम और एसपी के आने की जिद पर अड़े रहे। दो घंटे बाद डीएम प्रकाश बिंदु और एसपी ललित कुमार सिंह मौके पर पहुंचे। डीएम एसपी के मौके पर पहुंचते ही अधिवक्ताओं ने उनके विरुद्ध नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान डीएम और एसपी ने बार के पदाधिकारयों को सभी मामलों में कार्यवाही के लिए 48 घंटे का समय मांगा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम समाप्त हुआ। इस मौके पर बार के अध्यक्ष विरेंद्र बहादुर पाल, महामंत्री संजय कुमार त्रिपाठी, सदानंद राय, देवेंद्र प्रताप सिंह, गनी अहमद नोमानी, अजय कुमार सिंह, सत्येंद्रनाथ राय, अरविंद तिवारी, रुद्रा मिश्रा सहित सैकडों अधिवक्ता मौजूद रहे।
दरोगा का तोड़ा मोबाइल
मऊ। अधिवक्ताओं के जाम के दौरान सरायलखंसी थाने में तैनात दरोगा शंकर राठौर का मोबाइल फोन उनसे छीन कर तोड़ दिया गया। दरोगा का कहना था कि जाम कर रहे अधिवक्ताओं को संदेह हो गया कि वह मोबाइल से वीडियो बना रहे हैं। इसी को लेकर उनका मोबाइल उनसे छीन कर तोड़ दिया गया।