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हेलमेट जागरुकता में पुलिस के साथ उतरी एआरटीओ

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मऊ। आजकल अधिकांश युवा टू व्हीलर राइडिंग के समय फैशन के चलते हेलमेट पहनने से गुरेज करते हैं। हालांकि जिन्हें आदत पड़ गई है, वो बिना हेलमेट के बाइक नहीं चलाते, जबकि अधिकांश मजबूरी में पुलिस की चालान के भय से हेलमेट लगाते हैं। मगर अब यह धारणा बदलने की जरूरत है, क्योंकि हेलमेट जीवन रक्षक है। हेलमेट सिर्फ दुर्घटना के समय ही रक्षक नहीं होता, बल्कि बाइक चलाने के दौरान भी कई प्रकार की होने वाली विकृतियों से मुक्ति दिलाता है। ऐसे में अपनी सुरक्षा के लिए हेलमेट पहनने की आदत डालनी चाहिए। हेलमेट धूल, धुंआ, धूप पानी तेज हवा, उड़ते पक्षियों आदि से भी सुरक्षा प्रदान करता है। नगर के निवासी डा. एसएन खत्री ने हेलमेट के बाबत युवाओं को संदेश देते हुए कहा कि दोपहिया वाहन चलाते समय वो सदैव हेलमेट पहने। इसको युवा सहित अन्य बाइक चलाने वाले अपनी आदत में शुमार करें। बोले आज युवा चेकिंग के डर से ही हेलमेट बल्कि संकल्प ले कि बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन ही नहीं चलाएंगे। इसके अलावा वाहन चलाते समय मोबाइल पर कदापि बात न करें। बोले सड़क हादसे में 95 फीसदी मौत, सिर में चोट लगने के कारण होती है। उप्र उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष उमाशंकर ओमर ने युवकों के साथ-साथ स्कूटी का प्रयोग करने वाली युवतियों और महिलाओं से हेलमेट का प्रयोग करने का आह्वान किया। बोले व्यापारी वर्ग अक्सर दो पहिया वाहनों पर भारी सामान लादकर बिना हेलमेट के वाहन चलाते है। ऐसे में उन्होंने व्यापारियों से भी बाइक चालते समय हेलमेट का प्रयोग करने की अपील किया। बोले बाइक चलाते समय हेलमेट पहनने की आदत डाल लें, व्यापारी इससे उन्हें ही कई लाभ मिलेंगे। सिर की सुरक्षा से लेकर कई प्रकार की सुरक्षा हेलमेट देता है।
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