मऊ। ठंड के मौसम में आए बदलाव से रात से ही आसमान धुंध से पटा जा रहा। लोगों की दिनचर्या पर धुंध का भी खासा असर देखने को मिला। सुबह सात बजे तक धुंध छाए रहने से लोगों को काफी असुविधा का सामना करना पड़ा। भोर में चलने वाली रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित रहा। ट्रेनों के लेट चलने से प्रतीक्षारत यात्रियों का बुरा हाल रहा।
इसके चलते रोडवेज तथा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर लोग कांपते नजर आए। इसके बावजूद प्रशासन की तरफ से अलाव की व्यवस्था नहीं की जा सकी है। बुधवार को जिले का न्यूनतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहा। इस दौरान कोपागंज और रतनपुरा में दुर्घटनाएं भी हुई। लेकिन हादसे में कोई घायल नहीं हुआ।
शीतलहर का कहर जारी रहने से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। बुधवार को अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तेापमान 14 डिग्री सेल्सियस रहा। बईताते चले सोमवार से ही शीतलहर का प्रकोप जारी रहने से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। जिले में कोहरे का प्रकोप सोमवार की देर रात से ही शुरू हो गया था। तब से आज तक कोहरा बढ़ता ही जा रहा। इसका परिणाम है कि बुधवार की सुबह सात बजे तक धुंध रहने से आम जनजीवन पर मौसम के बदलाव का व्यापक असर नजर आया। लोग अपने घरों से देर से निकले। धूप निकल जाने के बाद भी लोगों को ठिठुरते हुए देखा गया। धुंध के चलते भोर में चलने वाली रोडवेज बसों का संचालन प्रभावित होने से महानगरों कीे ओर जाने वाले लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।वहीं पैसेंजर तथा एक्सप्रेस ट्रेनों के लेट चलने से लोगों को कष्टकारक साबित हो रहा था। साबरमती एक्सप्रेस तथा गरीब नवाज एक्सप्रेस अप डाउन चार घंटे से लेट चल रही थी। जबकि डीएमयू तथा कृषक एक्सप्रेस दो घंटे देर से चल रही थी। वहीं इंटरसिटी एक्सप्रेस तथा दादर एक्सप्रे स एक-एक घंटा लेट चल रही थी। ठंड के बाद भी अलाव न जलवाए जाने से प्लेटफार्म पर प्रतीक्षारत महिलाओं, बच्चों के लिए एक-एक पल बिताना भारी पड़ रहा था। शाम होते ही बाजारों में सन्नाटा की स्थिति हो जा रही है। ठंड के खौेफ से पटरी दुकानदार भी शाम पांच बजे के बाद भी अपनी दुकान समेटकर घरों की ओर रवाना हो जा रहे हैं। सुबह अपने काम पर जाने वाले लोग तथा ट्यूशन पढने वाले छात्रों को ठंड में आना जाना भारी पड़ रहा है।