घोसी। कोतवाली के जमालपुर विक्कमपुर गांव में रविवार की रात रसोई घर में दुपट्टे के फंदे से आत्महत्या करने वाली विवाहिता सोनी का मामला प्रथम दृष्टयता संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। दहेज हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुटी हुई है। सोमवार को अपर पुलिस अधीक्षक शिवाजी शुक्ला ने घटना स्थल जमालपुर विक्कमपुर का निरीक्षण किया। घर पर हाला कि कोई नहीं मिला, सभी आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी अभी कोई खुलासा नहीं हो सका है। बहरहाल बिसरा सुरक्षित रखा गया है। इसे प्रयोगशाला में भेजा जाएगा। वहा से रिपोर्ट आने के बाद ही दहेज हत्या या आत्महत्या की गुत्थी सुझल सकेगी।
बता दें कि घोसी कोतवाली के जमालपुर विकमपुर निवासी अनिल पुत्र रामअवध जो की 18 माह पूर्व कमाने के लिये सऊदी गया था। 2011 में गाजीपुर के बरदह थाना के घरिया गबांव निवासी रामबिलास की पुत्री सोनी से उसकी शादी हुई थी। घर पर उसकी पत्नी सोनी, पिता रामअवध, माता शकुंतला देवी, तथा चार छोटे भाई चंदन, सूरज, रामू व श्यामू रहते है। शनिवार की रात में रामअवध व उसकी पत्नी शकुंतला बाहर सोने आ गये। बहु सोनी घर में सोने चली गई। सोनी की तीन साल की पुत्री अंशिका अपने दादा-दादी के पास सो रही थी। रविवार की भोर में श्वसुर रामअवध जब घर में गए तो पाया कि बहु सोनी अपने बिस्तर पर नहीं है। इसी बीच उसकी नजर रसोई घर में पड़ी तो देखा की बहू छत के हुक में दुपट्टे से फंदा लगा कर झूली हुई है। इनके शोर मचाने पर परिजन घटना स्थल पर पहुंचे। श्वसुर रामअवध ने हंसुआ से दुपट्टा को काटकर शव को नीचे उतारा और इसकी सूचना उसके मायके वालों को दी। मृतिका के पिता रामबिलास, माता बिंद्रा, चाची पुष्पा पहुंची और सोनी को मृत अवस्था में देखकर दहाड़े मारकर रोने लगी। आरोप लगाया कि 50 हजार रुपया व मोटरसाइकिल आदि दहेज को लेकर सासु शकुन्तला, श्वसुर रामअवध, देवर चंदन, सूरज, रामु व श्यामू बराबर प्रताड़ित करते रहते थे। पुलिस ने कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू कर दी है। सोमवार को अपर पुलिस अधीक्षक शिवाजी ने घटना स्थल का जायजा लिया। कहा कि पोस्टमार्टम की पूरी रिपोर्ट आने के बाद ही हत्या या आत्महत्या की गुत्थी सुलझेगी।