मऊ। जमियत ओलमा की बैठक मंगलवार को मदरसा मिरकातुल उलूम में हुई। अध्यक्षता मुहम्मद हाफिज अब्दुल ने की। शुरुआत कारी सेराज अहमद की तिलावत कुआने करीम से हुई। वक्ताओं ने कहा कि प्रदेश में कानून की धज्जियां उड़ रही हैं। दलितों और कमजोर तबके के खिलाफ नफरत का बीज बोया जा रहा है। कभी गऊ रक्षा के नाम पर तो कभी बूचड़खान के नाम पर उत्पीड़न किया जा रहा है। ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए। आवाम की सलामती के लिए ऐसे तत्वों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। बैठक में 22 जून को नसीरपुर के मस्जिद में हुई मौलवी की हत्या एवं प्रतिबंधित मांस को लेकर घटना की निंदा की गई और आरोपियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने की मांग की गई। बैठक में मुख्य रूप से मौलवी डॉ. मसूद अहमद, इफतेखार अहमद, अब्दुल अलीम साहब, इश्तियाक अहमद, जियाउल हसन, मरगूबुल हक आदि शामिल रहे।