दोहरीघाट। स्थानीय कस्बा के सरयू तट पर बृहस्पतिवार को कार्तिक पूर्णिमा के दिन श्रद्धालुओं का जमघट लगेगा। इसे लेकर जहां नगर प्रशासन की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी है। वहीं, घाटों पर सफाई का कार्य पूरा हो गया। मंदिरों की भी साफ-सफाई पूरी हो गई।
कार्तिक पूर्णिमा का पर्व 23 अक्तूबर को मनाया जाएगा। इस दौरान दूरदराज सहित गैर जनपदों से श्रद्धालु नदी में डुबकी लगाएंगे। मेला को देखते हुए नगर प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन ने पूरी तरह से कमर कस लिया है। बृहस्पतिवार को ही श्रद्धालु आना शुरू कर देते हैं। गैर जनपदों से आए दुकानदारों ने अपना स्टॉल लगाने में जुटे नजर आए। मुक्तिधाम का रंग रोगन नए कलेवर में किया गया है। पार्कों में देशी विदेशी फूल अपनी छटा बिखेर रहे हैं। स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी इस बार मेला के एक दिन पूर्व आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने को लेकर उनकी व्यवस्था कर रहे हैं। नगर चेयरमैन वेदाना उर्फ जोगी सोनकर तथा अधिशासी अधिकारी ऋचा सिंह ने बताया कि इस बार का स्नान पर्व सिर्फ रामघाट पर ही होगा। रामजानकी घाट गौरीशंकर पर चेतावनी बोर्ड लगा दिया है कि यहां स्नान करने की मनाही है। मेला से एक दिन पूर्व आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ठहरने को लेकर मुक्तिधाम से लेकर मंदिरों तथा धर्मशाला टेंट की व्यवस्था की गई है। रामघाट से लेकर नदी के पुल तक स्नान करने के लिए सीधे घाट, बाबा मेला राम के रास्ते से जाने की भी व्यवस्था की गई है। दुकानदारों को ज्यादा जगह घेरने की इजाजत नहीं होगी एक ही घाट पर इस बार स्नान होने से रामघाट रोड पर सबसे ज्यादा भीड़ रहेगी। मुक्तिधाम के संस्थापक तथा पूर्व चेयरमैन गुलाबचंद गुप्त ने कहा कि संस्थान की ओर से मुक्तिधाम तथा गौरीशंकर घाट पर स्नान के लिए करीब दो दर्जन झरने लगाए गए हैं।