चिरैयाकोट(मऊ)। बाजार में रामलीला के लाउडस्पीकर को शुक्रवार की रात अराजक तत्वों नेे ईंट से कूंचकर नष्ट कर दिया और उसके तार को कई टुकड़ों में काटकर फेंक दिया। रामलीला में व्यवधान पैदा होने के चलते राम कलेवा व राम विवाह के आगे की लीला का मंचन नहीं हो सका। रामलीला समिति के पदाधिकारियों ने अराजक तत्त्वों के खिलाफ थाने मे तहरीर दी। हालांकि पुलिस ने इस मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं किया। हालांकि इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश व्याप्त है।
चिरैयाकोट में रामलीला में धनुषभंग के बाद शुक्रवार की रात 10 बजे राम बारात की झांकी निकाली गई थी। राम बारात का रथ पुलिस प्रशासन की भारी सुरक्षा के बीच क्षेत्राधिकारी और एसडीएम के नेतृत्व में सकुशल रामलीला मैदान में पहुंच गया। वहां पहुंचने के बाद राम कलेवा और राम विवाह का मंचन चल ही रहा था कि अचानक आवाज का प्रसारण बंद हो गया। लोगों ने तलाश किया तो पता चला कि मनीष उपाध्याय के मकान के पास लाउडस्पीकर को ईट पत्थर से कूच कर रास्ते में फेक दिया गया है, और उसके बाद तार को भी टुकड़े टुकड़े कर काटकर फेंका गया है। लोगों यह समझते देर नहीं लगी कि यह काम कसबे में अमन शांति बिगाड़ने की मंशा वाले अराजक तत्वों का है। इसके चलते राम कलेवा व राम विवाह के बाद का मंचन नहीं हो सका। लोगों की शिकायत पर मौके पर मौजूद थानाध्यक्ष ने घटना स्थल का निरीक्षण किया। सुबह शनिवार को रामलीला कमेटी के अध्यक्ष रामजी पाण्डेय के साथ समिति के लोगों ने थाने पहुंच कर अज्ञात अराजक तत्त्वों के खिलाफ तहरीर दी। रामलीला समिति की ओर से लाउडस्पीकर और तार तोड़ने वालों को जल्द गिरफ्तार करने और रामलीला की सुरक्षा बढ़ाने की मांग की गई। पुलिस अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि अराजक तत्वों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी आलोक कुमार जायसवाल का कहना है कि अमन शांति में खलल डालने वाले अराजक तत्वों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।