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नहीं हुआ टेंडर तो कैसे बंटे बच्चों को स्वेटर:

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मऊ। शासन के फरमान की जिले में अनदेखी की जा रही है। भीषण ठंड पड़ने के बाद भी परिषदीय विद्यालयों के विद्यार्थियों में स्वेटर का वितरण नहीं किया जा सका है। जबकि विभागीय सूत्रों की माने तों अभी तक टेंडर ही नहीं हुआ है। ऐसे में इस कड़ाके की ठंड में गरीब बच्चे ठिठुरते हुए विद्यालय जाने को विवश है। हालांकि ठंड को देखते हुए चार जनवरी तक परिषदीय विद्यालयों को बंद कर दिया गया है।
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जिले में 1060 प्राथमिक और 442 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एक लाख 34 हजार 614 बच्चे अध्ययनरत हैं। सरकार की तरफ से परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत बच्चों को सर्दी से बचाने के लिए नि:शुल्क स्वेटर देने का फरमान जारी किया गया था। सूत्रों की मानें तो ठंड शुरू होने के महीनों बाद भी स्वेटर वितरण होना तो दूर शासन स्तर से टेंडर प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी है। हालांकि भीषण ठंड को देखते हुए चार जनवरी तक परिषदीय विद्यालय बंद कर दिए गए हैं। अभिभावकों की मानें तो परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को नि:शुल्क ड्रेस वितरण, मिड-डे-मील, नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक आदि योजनाएं संचालित की गई हैं। लेकिन समय से बच्चों को लाभ नहीं मिल पाता है। सप्ताह में एक दिन दूध व फल वितरण करने का नियम है। लेकिन अधिकांश विद्यालयों में दूध तथा फल बच्चों को वितरित ही नहीं होता है। बजट के अभाव में योजना को ग्रहण लग गया है। सरकार की तरफ से जुलाई माह में ही बच्चों को स्वेटर देने का फरमान जारी किया गया था। बेसिक शिक्षा विभाग की तरफ से स्वेटर के लिए छात्रों की सूची भी शासन को भेज दी गई, लेकिन अभी तक बच्चों को स्वेटर नहीं मिला। स्वेटर कब तक वितरित हो जाएगा। अधिकारी समय सीमा बताने को तैयार नहीं हैं। बताया जा रहा है कि इस बाबत एडी बेसिक आजमगढ़ मंडल वाईके सिंह का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया चल रही है। शीघ्र ही बच्चों को स्वेटर मिलेगा।
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