मधुबन। नगर पंचायत मधुबन में लगभग 24 सफाई कर्मियों के अचानक निकाले जाने से नगर पंचायत में मामला गरमा गया है। गुरुवार को सारे सफाई कर्मियों ने एकजुट होकर अस्थाई कार्यालय जल निगम पर प्रदर्शन कर बहाली की मांग किया । कहा कि यदि उनके कार्यों में कोई कमी हो तो वार्डो में सफाई कार्य की जांच करा ली जाय। सफाई कर्मियों का आरोप था, कि चुनाव के बाद कुछ लोग साजिश करके हमारी रोजी रोटी छीनना चाहते हैं।
बता दें मधुबन नगर पंचायत बनने के बाद पिछले पांच छह माह से गांवों में नाली सड़क आदि की सफाई का कार्य सुचारू रूप से चल रहा था।जिसमें दोहरीघाट,अमिला बॉउडीह,कपड़ियाडीह, महुई, बरूहां, पिढ़वल,कमलसागर सहित आसपास के क्षेत्रों के लगभग 52 सफाई कर्मचारी विभिन्न वार्डो में कार्य कर रहे थे। लेकिन उनमें से 23 सफाई कर्मियों दिनेश कुमार, विनोद, दुर्गेश कुमार, नंद किशोर, जयहिंद, नवरतन, जितेंद्र, अनिल, शमशेर, श्रीराम यादव, अखिलेश यादव, त्रिभुवन, अभिषेक कुमार, मनोज कुमार, मनोज कन्नौजिया,श्रीनिवास,लालसोहन, पृथ्वीराज, रमेश, अमन, राजू बलवंत, रंजीत आदि को अचानक बुधवार की शाम हटा दिये जाने की सूचना दी गई।पहले तो इन्होंने कारण जानना चाहा लेकिन इस पर किसी ने कोई जवाब नही दिया।इसके बाद शुक्रवार को निकाले गए सभी सफाई कर्मी एकजुट होकर कार्यालय पर प्रदर्शन कर अपनबबहाली की मांग की।कर्मियों का कहना था कि हम लोग पिछले पांच माह से काम कर रहे है। वार्ड के लोगों को हमसे कोई शिकायत नहीं है। नाली सफाई से लेकर अन्य सारे कार्य यहां तक कि सुपरवाइजर द्वारा पर्सनल कार्य भी हम लोगों से लिया जाता था।अभी कुछ दिन पहले इतनी ठंड में कहा गया कि जैकेट,जूता, टोपी आदि पहनकर कार्यालय नहीं आना है वह भी हम लोगों ने किया है।तीन माह का वेतन भी मिला है।अभी लगभग 50 दिन की मजदूरी भी बाकी है।सफाई कर्मियों का कहना था कि हम लोग अब कहां जाए।इस संबंध में नव निर्वाचित नगर पंचायत अध्यक्ष माधुरी मद्धेशियां ने कहा कि जो लोग काम नहीं करेंगे उन्हें बैठाकर पैसा नहीं दिया जाएगा।जबकि अधिशासी अधिकारी विनीत शर्मा ने कहा कि अभी हम आज ही आये हैं, मामले को समझ कर निस्तारण का प्रयास किया जाएगा।