मऊ । दशमोत्तर छात्रवृत्ति में शुल्क प्रतिपूर्ति योजना के अंतर्गत दशमोत्तर संस्था से नामित छात्रवृत्ति के नोडल अधिकारी द्वारा अपने डिजिटल सिग्नेचर से लाक करने के प्रकरण की समीक्षा मंगलवार की शाम को मंडलायुक्त ने किया । मंडलायुक्त ने पाया कि अंतिम तिथि30 अगस्त तक पाठ्यक्रम, उनका प्रकार एवं कोर्स फीस लॉक किया जाना था लेकिन कई शिक्षण संस्थानों ने इसे पूर्णरूप से नहीं किया है। इससे हजारों छात्रों के छात्रवृत्ति से वंचित होने का खतरा पैदा हो गया है। मंडलायुक्त ने कडे़ निर्देश दिए कि मास्टर डाटा में फीडिंग का कार्य निर्धारित अंतिम तिथि 30 अगस्त तक पूर्ण नहीं किया जाता है, तो छात्र छात्राओं के नुकसान की भरपाई संबंधित शिक्षण संस्थान द्वारा की जाएगी। ऐसे प्रकरण में छात्र एससी एसटी अधिनियम के तहत संस्था पर मुकदमा दर्ज करा सकते हैं। यदि किसी प्रकार की कठिनाई आती है तो तत्काल समाज कल्याण,पिछडा वर्ग कल्याण,अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से संपर्क कर अवगत कराएं।