बिजली विभाग की अघोषित कटौती आम आदमी के साथ ही रोजदारों पर भी भारी पड़ रही है। गांवों में बमुश्किल दस घंटे ही बिजली दी जा रही। ऐसे में लोग रोजेदारों के साथ ही ग्रामीण भी परेशान हैं।
बताते चले कि मधुबन तहसील क्षेत्र के कटघाराशंकर, मोलनापुर, बेलौली उपकेंद्रों से ढिलई फ़िरोजपुर, तिघरा, फतहपुर, रामपुर, बेलौली, रोपनपुर
सहित 40 गांवों में बिजली आपूर्ति की जाती है। बीते एक माह से बिजली की अघोषित कटौती की जा रही हैं। ग्रामीण राजा मुराद उस्मानी, वकार अहमद, डॉ. नासिर अली, मंजूर अहमद, अंसारी अब्दुल्ला ने बताया कि शासन से निर्धारित शेडयुल 18 घंटे के बजाए केवल दस घंटे ही बिजली आपूर्ति की जा रही है। इससे सबसे ज्यादा दिक्कत रोजेदारों के साथ बुजुर्गो, गर्भवती महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है। समस्या को लेकर कई बार विभागीय अधिकारियों को अवगत करवाने के बावजूद लापरवाही बरती जा रही।
एसडीओ मनोज कुमार ने बताया कि बिजली कटौती स्थानीय स्तर से नहीं की जा रही है। कंट्रोल रूम से जितनी बिजली मिल रही है उतनी आपूर्ति की जा रही है।