गर्मी बढ़ने और गलत खान-पान के कारण उल्टी, दस्त और डायरिया के मरीजों की अस्पतालों में संख्या बढ़ गई है। सरकारी और निजी अस्पतालों की ओपीडी में पहुंचने वाले मरीजों गर्मी में डायरिया, उल्टी दस्त से पीड़ित मरीजों की संख्या 70 फीसदी तक है। इसमें बच्चों की संख्या अधिक है।
जिला अस्पताल में सामान्यत 300 से 400 तक की ओपीडी होती है। परंतु गर्मी बढ़ने पर ओपीडी की संख्या वर्तमान में करीब 500 से ऊपर पहुंच गई है। इस समय अस्पताल में दवा तो है, लेकिन चिकित्सकों की कमी है। मात्र दो सरकारी तथा एक संविदा फिजिशियन चिकित्सकों के सहारे ओपीडी चल रही है। उधर भीषण गर्मी के चलते मरीजों की संख्या में इजाफा निरंतर हो रहा है। चिकित्सकों की माने तो अस्पताल पहुंचने वाले 70 प्रतिशत मरीज डायरिया, उल्टी, दस्त, पेद दर्द जैसी बीमारियों से पीड़ित होकर इलाज के पहुंच रहे है। आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ने की संभावना है।
जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. अनिल कुमार का कहना है कि गर्मी में शरीर को पानी की अधिक जरूरत होती है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। इस दौरान यह ध्यान रहे की पानी साफ हो। इस मौसम में बैक्टीरिया तेजी से फैलता है। थोड़ी सी लापरवाही संक्रमण का कारण बन सकती है। सड़क के किनारे खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए, क्योंकि खुले में रखे होने के कारण इनसे संक्रमण व फूड प्वाइजनिंग होने का खतरा ज्यादा रहता है। वहीं जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. शैलेश कुशवाह ने बताया कि गर्मी में बीमारियों से बचाव के लिए व्यक्ति प्रतिदिन चार से छह लीटर पानी पीएं। इसके अलावा शिकंजी, जलजीरा, नींबू पानी, जूस, दही, मट्ठा के साथ ताजे फलों का सेवन करें। भोजन हल्का व सादा खाना खाएं। खाने के साथ सलाद अवश्य लें। वहीं बाहर निकलने के दौरान हल्के एवं सूती कपड़े पहनें। पूरी बाजू की कमीज पहनें। आवश्यक होने पर ही धूप में बाहर निकले।