मऊ। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर एक सुरेश कुमार गुप्ता ने हत्या के प्रयास के मामले में नामजद चार आरोपियों में दो को दोषी पाते हुए दस -दस वर्ष का सश्रम कारावास की सजा के साथ ही 10-10 हजार रुपये अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं दो आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। मामला सरायलखंसी थाना क्षेत्र का है।
गाजीपुर जनपद के कासिमाबाद थाना क्षेत्र के मुबारकपुर खेदू गांव निवासिनी सोनम खातून पत्नी अफसर की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादिनी का आरोप है कि उसके पति अफसर को टुनटुन हरिजन अपने मोटर साइकिल से मऊ ले जा रहा था । इसी दौरान दस अक्तूबर 2013 को बहादुरगंज -मऊ रोड पर इंदरपुर भलया गांव के पास उसके पति को गोली मार दिए, जिससे वह घायल हो गए । वादिनी की तहरीर पर गाजीपुर जनपद के मरदह थाना क्षेत्र के पिपरा गांव निवासी रामरहीम उर्फ मास्टर पुत्र श्रीपति तथा सिंगेरा गांव निवासी जयप्रकाश उर्फ टुन्नू पुत्र मिश्रीलाल तथा मुबारकपुर खेदू गांव निवासी सत्यप्रकाश और राजेंद्र चौहान को आरोपी बनाया गया । पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर बाद विवेचना आरोपपत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी राजेश पांडेय ने कुल नौ गवाहों को पेश कर अपना पक्ष रखा। एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण सत्यप्रकाश और राजेंद्र चौहान को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। वहीं रामरहीम उर्फ मास्टर और जयप्रकाश उर्फ टुन्नू को हत्या के प्रयास का दोषी पाया। दोषी पाए जाने के बाद दोनों को दस-दस वर्ष का सश्रम कारावास की सजा के साथ ही 10-10 हजार अर्थदंड निर्धारित किया। अर्थदंड न देने पर एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जयप्रकाश को आयुध अधिनियम में भी दोषी पाते हुए सजा सुनाया। अर्थदंड जमा हो जाने पर 50 प्रतिशत धनराशि घायल अफसर को देने का आदेश दिया।