जिला पौधरोपण समिति की बैठक जिलाधिकारी ज्ञान प्राकाश त्रिपाठी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में हुई।
जिलाधिकारी ने बताया कि सबसे पहले जितने विभाग को पौधे लगाने का मानक निर्धारित किया गया है उसको निश्चित रूप से पूरा करेंगे। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। पौधे लगाने के साथ-साथ उसकी देख-रेख में कोई कमी नहीं होनी चाहिए। जिलाधिकारी कहा कि जिस विभाग को पौधे लगाने हैं। सबसे पहले जगहों का चिन्हांकन कर लें तथा उसके सापेक्ष ही पौधरोपण करें। क्योंकि बाद में इसकी जीओ टैगिंग होनी है। जिलाधिकारी ने बताया कि धरती पर जीवन हरे-भरे पेड़ पौधों की वजह से है। यदि हरियाली नहीं होगी तो जीवन भी संभव नहीं है। मानव जो कार्बन डाइऑक्साइड छोड़ता है वह हानिकारक होती है। इस हानिकारक कार्बन डाइऑक्साइड को पौधे ग्रहण करते हैं और बदले में आक्सीजन छोड़ते हैं। जो सांस लेने के लिए महत्वपूर्ण होती है। बिना आक्सीजन के जीवन संभव नहीं है। जिलाधिकारी ने बताया कि शासन से संबंधित विभाग को पौध लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। ग्राम्य विकास विभाग द्वारा 1161624, राजस्व विभाग द्वारा 114920, पंचायत राज विभाग द्वारा 114920, आवास विकास द्वारा 6680, औद्योगिक विकास द्वारा 3700, नगर विकास द्वारा 22534, लोक निर्माण विभाग द्वारा 26714, सिंचाई विभाग द्वारा 22600, कृषि विभाग द्वारा 36842, पशुपालन विभाग द्वारा 4150, सहकारिता विभाग द्वारा 4600, उद्योग विभाग द्वारा 8014, विद्युत विभाग द्वारा 3320, माध्यमिक शिक्षा द्वारा 45968, बेसिक शिक्षा द्वारा 45968, प्राविधिक शिक्षा द्वारा 10304, उच्च शिक्षा द्वारा 10304, स्वास्थ्य विभाग द्वारा 7983, परिवहन विभाग द्वारा 2680, उद्यान विभाग द्वारा 114912, पुलिस विभाग द्वारा 6680 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अरविंद मिश्रा, अपर जिलाधिकारी डीपी पाल, मुख्य राजस्व अधिकारी हंसराज यादव, वनाधिकारी, परियोजना, मुख्य चिकित्साधिकारी सतीश सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी, समस्त खंड विकास अधिकारी आदि शामिल रहे।